हेलमेट-सीट बेल्ट बने सुरक्षा कवच, सड़क हादसों पर रोक को डीएम ने दिए सख्त निर्देश
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी समीर सौरभ की अध्यक्षता में सोमवार, 14 सितंबर को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट, यातायात नियमों और सड़क किनारे अतिक्रमण समेत सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सामने आए आंकड़ों ने सड़क सुरक्षा की गंभीरता को उजागर किया। वर्ष 2022 में जिले में 277 सड़क दुर्घटनाओं में 248 लोगों की मौत हुई, जबकि 191 लोग घायल हुए। वर्ष 2023 में 269 दुर्घटनाओं में 221 मौत और 143 लोग घायल हुए। वर्ष 2024 में 255 दुर्घटनाओं में 202 लोगों की मृत्यु तथा 207 लोग घायल हुए। वर्ष 2025 में 243 दुर्घटनाओं में 200 लोगों की मौत और 138 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में अगस्त तक 206 दुर्घटनाओं में 177 लोगों की मृत्यु तथा 100 लोग घायल हो चुके हैं।
ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यातायात संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी सड़क सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि वाहन चालकों को संभावित खतरे की जानकारी समय रहते मिल सके।
हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर
डीएम ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों व यात्रियों के लिए सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात नियमों का पूरी तरह अनुपालन करने के लिए जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, तेज गति से वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही केवल चालान तक सीमित न रहते हुए लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर
प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सड़क किनारे अतिक्रमण से उत्पन्न यातायात बाधाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क किनारे के अतिक्रमण को हटाने और यातायात को सुगम बनाने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
आईआरएडी में दुर्घटनाओं का डेटा होगा अपडेट
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों को आईआरएडी (iRAD) में समय पर दर्ज एवं अद्यतन रखने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने दुर्घटनाओं के कारणों का सही विश्लेषण और भविष्य की सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के लिए डेटा को नियमित रूप से अपडेट रखने पर जोर दिया।
पीड़ितों को समय पर मिले सहायता
सड़क दुर्घटना में घायल या प्रभावित लोगों को मिलने वाली सहायता एवं राहत की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को नियमानुसार मिलने वाली सहायता समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीएम समीर सौरभ ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और आम लोगों के संयुक्त प्रयास से सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतते हुए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।












