गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों की सुविधा पर डीएम सख्त, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। जिले में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को गोपालगंज समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी समीर सौरभ की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, नामांकन, डिजिटल शिक्षा, आदर्श विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।
🏫 विद्यालय निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं
जिला पदाधिकारी ने BSEIDC के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि जिले में चल रहे सभी विद्यालय निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में समय-सीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
📚 आदर्श विद्यालयों में 9वीं से 12वीं तक लाइव क्लास अनिवार्य
जिले के 18 चयनित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया गया है। डीएम ने इन विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लाइव क्लासेस का नियमित एवं अनिवार्य संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वहीं, जिले के चार आदर्श विद्यालयों में संचालित JEE एवं NEET की तैयारी का अधिकतम लाभ योग्य एवं इच्छुक विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
💻 ICT Lab और स्मार्ट क्लास में लापरवाही पर चेतावनी
सभी आदर्श विद्यालयों में ICT Lab एवं स्मार्ट क्लास का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्रधानाध्यापकों को कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान प्राप्त करने तथा उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।
⚽ पढ़ाई के साथ खेल-कूद पर भी जोर
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी मॉडल विद्यालयों में प्रतिदिन एक पीरियड खेल-कूद के लिए निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, शॉटपुट सहित अन्य खेलों की आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया।
इसके अलावा प्रत्येक कक्षा में नियमित अंतराल पर क्लास मॉनिटर का चयन करने का निर्देश दिया गया, ताकि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हो।
🚰 बिजली-पानी और मूलभूत सुविधाओं की नियमित व्यवस्था
सभी विद्यालयों में बिजली, पेयजल, स्वच्छता, फर्नीचर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपलब्ध संसाधनों के व्यवस्थित रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
📈 जिले में 3.58 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन
समीक्षा के दौरान सामने आया कि 10 अगस्त 2026 तक जिले में कुल 3,58,576 छात्र-छात्राओं का नामांकन कराया जा चुका है। वहीं पिछले 10 दिनों में 5,823 नए विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है।
डीएम ने नामांकन अभियान को लगातार जारी रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र बच्चा विद्यालयी शिक्षा से वंचित न रहे।
👧 KGBV में शत-प्रतिशत नामांकन का निर्देश
जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। थावे, कटेया एवं भोरे के KGBV में चहारदीवारी निर्माण को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई तेज करने को कहा गया।
छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए KGBV में अंग्रेजी विषय के शिक्षकों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने का पाठ्यक्रम संचालित करने का भी निर्देश दिया गया।
⚠️ निर्देशों की अनदेखी पर होगी गंभीर कार्रवाई
जिला पदाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों में संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की नियमित निगरानी हो। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तथा सभी सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।












