जनजागरूकता एवं चेकिंग अभियान
बादा से सनम मलिक की रिपोर्ट
बांदा-विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर ग्रामीण परंपरा विकास संस्थान द्वारा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से जनपद में बाल तस्करी,बाल श्रम एवं बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता एवं सघन चेकिंग अभियान संचालित किया गया।विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि,पुलिस प्रशासन,रेलवे विभाग,चाइल्ड हेल्पलाइन,ग्रामीण परम्परा विकास संस्थान की संयुक्त टीम व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य संबंधित संस्थाओं ने सहभागिता कर समाज को इन गंभीर सामाजिक अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। अभियान मे इंद्रानगर से लेकर रेलवे स्टेशन बांदा पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।यात्रियों एवं आमजन को पंपलेट,पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से मानव तस्करी,बाल तस्करी,बालश्रम एवं बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के प्रति जागरूक किया गया।इंदिरा नगर स्थित लेबर चैक पर श्रमिकों एवं स्थानीय नागरिकों को इन सामाजिक अपराधों के दुष्परिणामों तथा उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।रैली के माध्यम से संदेश दिया कि यदि किसी बच्चे या व्यक्ति के साथ मानव तस्करी,बाल तस्करी,जबरन मजदूरी,बाल श्रम अथवा बाल विवाह जैसी कोई भी घटना घटित होती दिखाई दे,चाहे वह रेलवे स्टेशन,ट्रेन,बस स्टैंड,कार्यस्थल या किसी अन्य स्थान पर हो तो इसकी तत्काल सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों पर दें।बच्चों से संबंधित मामलों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098,आपातकालीन सहायता हेतु 112 सहित अन्य संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है।यदि समाज को मानव तस्करी,बालश्रम, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों से मुक्त करना है तो प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना होगा। एक रोटी कम खाइए,लेकिन अपने बच्चों को अवश्य पढ़ाइए, क्योंकि शिक्षित समाज ही सशक्त,सुरक्षित और विकसित समाज का निर्माण करता है।
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