उचकागांव थाना के चर्चित हत्या कांड में एडीजे-IX का बड़ा फैसला, वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी से अभियुक्त को मिली कड़ी सजा।
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
गोपालगंज। उचकागांव थाना कांड संख्या-124/12 (हत्या एवं आर्म्स एक्ट) के एक चर्चित मामले में गुरुवार को माननीय एडीजे-IX, गोपालगंज की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अभियुक्त लाल बाबू मियां को दोषी करार दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास तथा ₹1,00,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत अभियुक्त को 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस प्रकार अभियुक्त पर कुल ₹1.20 लाख का अर्थदंड लगाया गया है।
इस मामले में गोपालगंज पुलिस द्वारा किए गए प्रभावी अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संग्रहण तथा न्यायालय में सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप अभियुक्त की दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री प्रेम कुमार वर्मा ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई।
इस फैसले को गंभीर आपराधिक मामलों में कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती












