सरकारी जमीन हड़पने वालों और खाद के कालाबाजारियों की अब खैर नहीं, प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा का कड़ा रुख।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज।। जिले में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे भू-माफियाओं और किसानों का हक मारने वाले खाद के कालाबाजारियों पर अब प्रशासन का चाबुक चलने वाला है। बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गोपालगंज के जिला प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को समाहरणालय सभा कक्ष में आयोजित जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक में इस बाबत सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनता की संपत्ति पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने सरकारी भूमि, भवनों और सार्वजनिक संपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिले के सभी अंचल अधिकारियों (CO) को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी संपत्तियों की सूची तैयार कर अवैध कब्जाधारियों की पहचान करें। प्रभारी मंत्री ने आदेश दिया कि विशेष अभियान चलाकर इन संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में छाड़ी नदी क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से गूंजा, जिस पर प्रभारी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्र में अतिक्रमण से जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे बाढ़ और जलजमाव का खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए उन्होंने एक संयुक्त टीम गठित करने का निर्देश दिया।खेती के इस महत्वपूर्ण सीजन में किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन को अगले 15 दिनों के भीतर खाद की कालाबाजारी पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि खाद की जमाखोरी करने, कृत्रिम अभाव पैदा करने या निर्धारित मूल्य से अधिक दाम (ओवररेटिंग) वसूलने वाले दुकानदारों और एजेंसियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि खाद भंडारण और बिक्री केंद्रों की नियमित जांच की जाए और स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए ताकि किसानों को कोई गुमराह न कर सके। किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए प्रभारी मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) बनाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष कैंप और अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जाए। फार्मर आईडी बनने से किसानों को सरकारी अनुदान, फसल बीमा, तकनीकी सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सकेगा। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रभारी मंत्री ने जनहित से जुड़े सभी मामलों में जिला प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ काम करने का निर्देश दिया है, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।












