गोपालगंज: मॉडल सदर अस्पताल में बड़ी कार्रवाई, फर्जी हाजिरी मामले में डॉक्टर का वेतन बंद, हेड क्लर्क पर FIR के आदेश।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज।। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। मॉडल सदर अस्पताल में फर्जी तरीके से हस्ताक्षर बनाकर उपस्थिति दर्ज कराने वाले एक चिकित्सक पर जिलाधिकारी (DM) पवन सिन्हा के निर्देश पर गाज गिरी है। जिलाधिकारी पवन सिन्हा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सदर अस्पताल में कुछ स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक बिना ड्यूटी आए ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। जाँच के दौरान फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर सख्त कदम उठाए गए हैं ड्यूटी से गायब रहकर फर्जी हस्ताक्षर बनाने वाले संबंधित चिकित्सक के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस फर्जीवाड़े में संलिप्तता और लापरवाही के आरोप में हेड क्लर्क (प्रधान लिपिक) के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का लिखित आदेश जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन (CS) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस पूरी प्रक्रिया और कार्रवाई को अविलंब सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी कर्मचारी या अधिकारी अपनी ड्यूटी में कोताही बरतेंगे या फर्जीवाड़े का सहारा लेंगे, उन पर इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद मॉडल सदर अस्पताल सहित पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। डीएम के इस कड़े रुख से उन कर्मचारियों में खौफ है जो अक्सर ड्यूटी के दौरान नदारद रहते हैं। अब अस्पताल में बायोमेट्रिक उपस्थिति और औचक निरीक्षण को और अधिक कड़ा करने की तैयारी की जा रही है।











