संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए महिलाओं ने रखा जीवित्पुत्रिका व्रत
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर शनिवार को महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत रखा। इस अवसर पर क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपनी संतान की दीर्घायु की कामना की। व्रत को लेकर सुबह से ही महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने स्नान आदि करने के बाद पूजा की तैयारी की तथा जिउतिया व्रत की कथा सुनी। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्रित होकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार व्रत की रस्में पूरी कीं। मान्यता है कि जीवित्पुत्रिका व्रत संतान की रक्षा और उसकी लंबी उम्र के लिए किया जाता है। माताएं अपनी संतान के सुखद एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना के लिए कठिन निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत के दौरान महिलाओं ने भगवान जीमूतवाहन से अपने बच्चों की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। जिउतिया व्रत को लेकर शुक्रवार जहाँ बाजारों में भी चहल-पहल रही। पूजा-पाठ से संबंधित सामग्री, फल, मिठाई और अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ दिखाई दी। वहीं शनिवार को घरों में भी पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा।












