शैक्षणिक संस्थानों में धूमधाम से मनी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान प्रखंड के सिसवां गांव स्थित श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के तैल चित्र पर उन्हें नमन किया गया। बच्चों ने गीत, भाषण आदि प्रस्तुत किये। वहीं राजकीय डिग्री महाविद्यालय, नौतन, सिवान में जयंती विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि के पश्चात् महाविद्यालय परिवार ने गांधी जी और जनप्रिय राजनेता पं. लाल बहादुर शास्त्री की स्मृति में अपने-अपने विचार व्यक्त किए। प्राचार्य प्रो. शमशाद अहमद ख़ाँ ने गाँधी जी के जीवन-आदर्शों को आत्मसात करते हुए सादगीपूर्ण जीवन जीने का आह्वान किया। उन्होंने महात्मा गाँधी पर थोरो, टॉलस्टॉय और रस्किन के प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्हें एक महामानवीय चरित्र बताया। इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक धर्मेन्द्र कुमार ने गांधी जी के जीवन की ऐतिहासिक एवं तथ्यपरक जानकारी साझा की। अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक निखिल रमन तांती ने सत्य और अहिंसा के महात्मा के रूप में बापू को याद किया। वहीं सहायक प्राध्यापक डॉ. जूही प्रकाश ने कहा कि बापू एक विचार हैं और उन्होंने भी समाज में अहिंसा के महत्त्व की चर्चा की। कार्यक्रम के संयोजक हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मणि रंजन राय ने भारत के इन दो महान व्यक्तित्वों को याद करते हुए बताया कि गांधी जी पर जितनी विपुल सामग्री उपलब्ध है, उसकी तुलना में उन्हें कम पढ़ा व समझा गया और गांधी के विचारों पर सतही राजनीति होती आई है। डॉ. अंकिता त्रिपाठी ने महात्मा गांधी की प्रासंगिकता को उद्घाटित करते हुए कहा कि उनके विचार इतिहास, वर्तमान और भविष्य में राजनीति, साहित्य और समाज हेतु अत्यंत उर्वरक हैं। सहायक प्राध्यापक अंगद कुमार ने राजनीतिक दृष्टि से गांधीवाद पर अपने विचार साझा किए। अर्थशास्त्र विभाग के अम्बरीष कुमार ने गांधी जी के आदर्शों पर बात करते हुए अहिंसा के संदर्भ में गांधी और दिनकर की तुलनात्मक चर्चा की। साथ ही गांधी जी की स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी दृष्टि पर बात की।
समाजशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. शकील हैदर ने जयंती विशेष पर ऐसे संवादों की प्रयोजनीयता पर बात करते हुए गांधी जी के सशक्त व्यक्तित्व को याद किया। विद्यार्थियों में बी. ए. प्रथम वर्ष (हिंदी) की छात्राओं सहाना और शाहिना ने महात्मा गांधी के जीवन-वृत्त पर भाषण दिया।
कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। मंच संचालन डॉ. अंकिता त्रिपाठी ने किया तथा धर्मेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
