डेयरी प्लांट संचालक और परिजनों को घर में घुसकर जान से मारने की धमकी, रंगदारी मांगने और केस उठाने का दबाव, दहशत में परिवार
कटेया/गोपालगंज : कटेया थाना क्षेत्र के अंतर्गत टेर खेमराज गाँव से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक डेयरी प्लांट संचालक और उनके पूरे परिवार को गांव के ही दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा घर में घुसकर जान से मारने, रंगदारी मांगने और पुराना केस उठाने की धमकी दी गई है। घटना के बाद से पीड़ित का पूरा परिवार और उनके संस्थान में काम करने वाले कर्मचारी खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।
रात के अंधेरे में लाठी-डंडों और अज्ञात बदमाशों के साथ बोला हमला
पीड़ित डेयरी प्लांट संचालक ज्योतिभूषण तिवारी (पिता- जयप्रकाश तिवारी) ने बताया कि दिनांक 3 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:30 बजे गांव के ही दबंग वोशियर यादव, विकास यादव और निकेश यादव (तीनों के पिता- वीरशेन यादव) अपने साथ 4-5 अन्य अज्ञात हथियारबंद अपराधियों को लेकर अचानक उनके डेयरी प्लांट और घर पर आ धमके।
आरोप है कि इन लोगों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और वहां काम कर रहे कर्मचारियों और परिजनों के साथ बदसलूकी की। अपराधियों ने स्पष्ट शब्दों में धमकी देते हुए कहा, “हमारे खिलाफ जो पहले से केस दर्ज है, उसे तुरंत वापस लो, वरना एक-एक को जान से मार देंगे और पता भी नहीं चलेगा।” इसके साथ ही उन्होंने पूरे परिवार को गांव छोड़कर भाग जाने की चेतावनी दी है।
पुलिसिया कार्रवाई की खुन्नस में रची गई साजिश
मिली जानकारी के अनुसार, बीते 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कटेया थाना क्षेत्र के वोसीयर यादव के घर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी, जिसमें संलिप्तता के कारण वोसीयर यादव की मां को जेल भेज दिया गया है। इसी कार्रवाई की खुन्नस में वोसीयर यादव और वीरशेन यादव के बेटे पीड़ित ज्योतिभूषण तिवारी पर मुखबिरी का झूठा आरोप लगा रहे हैं और लगातार जान-माल का नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं।
दहशत में पीड़ित परिवार, प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
अपराधियों के खौफनाक इतिहास और इस घटना के बाद से पीड़ित ज्योतिभूषण तिवारी, उनका पूरा परिवार और डेयरी प्लांट के कर्मचारी बेहद डरे हुए हैं। डर के मारे लोग रात भर सो नहीं पा रहे हैं। पीड़ित ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ रंगदारी, आपराधिक धमकी (आर्म्स एक्ट व अन्य धाराएं) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
पीड़ित ने साफ कहा है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उक्त नामजद आरोपी और स्थानीय प्रशासन की होगी।












