औचक निरीक्षण में खुली आंगनबाड़ी की व्यवस्था, स्मार्ट क्लास से प्रभावित हुए डीडीसी
मॉडल स्कूल सेमरा में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा, आंगनबाड़ी में बच्चों की कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज/थावे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बेहतर पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त श्री गौरव कुमार ने मंगलवार, 08 सितंबर 2026 को थावे प्रखंड के सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल (उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय), सेमरा तथा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-02, पंचायत सेमरा का औचक निरीक्षण किया।
स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन पढ़ाई की ली जानकारी
मॉडल स्कूल के निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के समय विद्यालय निर्धारित समय पर संचालित मिला और छात्र-छात्राएं कक्षाओं में अध्ययनरत पाए गए। विद्यालय में साफ-सफाई एवं प्रबंधन की स्थिति भी संतोषजनक मिली।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में स्मार्ट क्लास एवं ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से तकनीक आधारित शिक्षा दिए जाने की जानकारी मिली। सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए।
डीडीसी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई, शिक्षण-अधिगम गतिविधियों तथा अध्ययन से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय का सदुपयोग और शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों की विषयों पर बेहतर पकड़ बनाने के साथ-साथ उनकी जिज्ञासा और रचनात्मक क्षमता को विकसित करना जरूरी है।
आंगनबाड़ी केंद्र में पंजी और वास्तविक उपस्थिति में मिला अंतर
इसके बाद उप विकास आयुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-02 का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने उपस्थिति पंजी की जांच करने के साथ केंद्र पर मौजूद बच्चों की वास्तविक संख्या का मिलान किया।
जांच में पंजी में दर्ज बच्चों की संख्या की तुलना में केंद्र पर वास्तविक रूप से कम बच्चे उपस्थित पाए गए। इस पर डीडीसी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अभिलेखों में दर्ज उपस्थिति और केंद्र पर वास्तविक उपस्थिति में किसी भी प्रकार का अंतर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने आने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पोषण आहार और मीनू की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और निर्धारित मीनू की भी जांच की गई। जांच के दौरान मसाला सामग्री में गड़बड़ी पाए जाने पर डीडीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले पोषण आहार में गुणवत्ता, मात्रा और निर्धारित मीनू का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित होना चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
उप विकास आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हों तथा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का अधिकतम लाभ मिले। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति, पोषण एवं निर्धारित सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविक रूप से बच्चों और विद्यार्थियों तक पहुंचे।












