एम जी फिल्म ट्रेनिंग सेंटर के छात्र गीतकार चंद्रमा यादव के आठ लोकगीतों की रिकॉर्डिंग पर लगी मुहर
गीत लेखन की दुनिया में प्रतिभाओं को मिल रहा नया मंच, BS MOBI MASTI OTT चैनल और माँ गायत्री फिल्म प्रोडक्शन की पहल से कलाकारों को मिलेगा अवसर


सिवान जिले में स्थानीय कलाकारों को सिनेमा और संगीत की दुनिया में आगे बढ़ाने की दिशा में भारतीय सिनेमा नाट्य कला प्रशिक्षण संस्थान — एमजी फिल्म ट्रेनिंग सेंटर लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में संस्थान के छात्र एवं उभरते गीतकार चंद्रमा यादव के लिखे आठ लोकगीतों की रिकॉर्डिंग परियोजना पर अंतिम मुहर लग गई है। इस खबर से संस्थान से जुड़े कलाकारों और संगीत प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रमा यादव ने वर्ष 2025 में एमजी फिल्म ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से गीत लेखन के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने मार्च 2026 में आयोजित परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संस्थान ने उनकी प्रोफाइल और गीत लेखन से संबंधित विवरण भारतीय सिनेमा निर्माण कंपनियो तथा विभिन्न वीडियो एवं गीत रिकॉर्डिंग कंपनियों को भेजे।इसी पहल के बाद BS MOBI MASTI OTT चैनल के संस्थापक मिलन सिंह ने एमजी फिल्म ट्रेनिंग सेंटर को आश्वासन पत्र भेजकर चंद्रमा यादव के आठ लोकगीतों की रिकॉर्डिंग परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय को उभरते गीतकार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।इस परियोजना को आगे बढ़ाने में माँ गायत्री फिल्म प्रोडक्शन की भी अहम भूमिका सामने आई है। प्रोडक्शन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और उन्हें सिनेमा एवं संगीत जगत से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्थान का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित कलाकारों को उनकी योग्यता के अनुसार काम करने के अवसर उपलब्ध कराने का भी है। गौरतलब है कि एमजी फिल्म ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से गीत लेखन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले फिरोज अंसारी को भी गीत रिकॉर्डिंग के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संस्थान ने माँ गायत्री फिल्म प्रोडक्शन को पत्र दिया था। संस्थान की यह पहल स्थानीय युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। एमजी फिल्म ट्रेनिंग सेंटर और माँ गायत्री फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े प्रयासों से सिवान जिले की प्रतिभाओं को संगीत, अभिनय और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। अब चंद्रमा यादव के आठ लोकगीतों की रिकॉर्डिंग परियोजना को लेकर उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों को रिकॉर्डिंग एवं गीतों के रिलीज होने का इंतजार रहेगा।












