जब कटेया पुलिस ने पकड़े बोंका चोर तो पूरे ईलाके में मच गया शोर
जिम्मेनामा पर सौंपा गया बरामद बोंका, जेल गए देवरिया और गोरखपुर के दो चोर.
चोर और पुलिस से जुड़ी तमाम खबरें आपने देखी और सुनी होंगी लेकिन यह मामला थोड़ा अलग है
दरअसल पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्तियों द्वारा मोटरसाइकिल से बोंका चोरी किया जा रहा है. यहां पर हम आपको यह बता दें कि जिन बकरों का प्रजनन हेतु या किन्ही अन्य कारणवश बंध्याकरण नहीं किया जाता वो बोंका कहलाते हैं, इन्हें अवध्य माना जाता है और यह आमतौर पर गांवों में खुले घूमते हैं. इनपर किसी का मालिकाना हक़ भी नहीं होता है. हालांकि कुछ परिस्थितियों में जड़बुद्धि, मंदबुध्दि या फिर कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को नीचा दिखाने के लिए भी बोंका कहता है जिसकी चर्चा कभी और की जाएगी फिलहाल सूचना के सत्यापन के लिए कटेया थाना से पुलिस सहायक अवर निरीक्षक अलीशेर खान तत्परता दिखाते हुए चौकीदार हरिकेश कुमार और सुनील कुमार यादव के साथ जब निकले तो रास्ते में हीं उन्हे बाईक सवार दो लोग दिखे जो बाईक पर एक काले रंग का बोंका पकड़कर बैठे हुए थे. पुलिस को देखकर बाईक सवारों ने रास्ता बदलने या भागने की कोशिश भी की जिन्हे पुलिस ने पीछा कर के रोक लिया. पूछताछ में दोनों बाईक सवारों ने अपना नाम क्रमशः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला निवासी नन्द कुमार निषाद उर्फ इश्तेखार अली एवं देवरिया जिला निवासी रिजवान अहमद उर्फ सिब्बू बताया. आगे की पूछताछ में दोनों ने यह स्वीकार किया कि यह लोग पेशेवर तौर पर अलग अलग गांवों से बोंका चोरी कर उत्तर प्रदेश में बेचा करते थे. बोंका चोरों के पकड़े जाने की खबर के बाहर आते हीं ईलाके के तमाम बोंकाओं ने राहत की सांस जरूर ली होगी. इन्सान अर्थात ग्रामीण भी पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए मजाकिया अंदाज में बोंका बचाओ दल के गठन और बोंका मित्र ट्रस्ट के स्थापना की बात भी करते नजर आए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए बोंका चोरों का चालान कर दिया है एवं सुरक्षा कारणों से बोंका को जिम्मेनामे पर सौंप दिया है पर सालों से उठ रहा बड़ा सवाल जस का तस है कि बकरे की माँ आखिर कब तक खैर मनाएगी ? इस खबर पर आपकी क्या राय है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए.










