बांदा में सवर्ण समाज का उबाल
यूजीसी के विरोध में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
बांदा। जिले में आज सवर्ण समाज का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और यूजीसी (UGC) से जुड़े एक प्रस्तावित प्रावधान को “काला कानून” बताते हुए उसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पूरे शहर में नारेबाजी गूंजती रही। आक्रोशित लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जुलूस निकाला। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की और जोरदार विरोध दर्ज कराया।
“काला कानून वापस लो” के लगे नारे
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यूजीसी से जुड़ा यह निर्णय सवर्ण समाज के युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था शिक्षा और अवसरों में असमानता बढ़ाएगी। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि सरकार इस निर्णय को तुरंत वापस ले।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जुलूस और प्रदर्शन के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
2027 को लेकर दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले 2027 के चुनाव में सवर्ण समाज अपनी ताकत दिखाएगा। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक आंदोलन की शुरुआत है।
इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस विरोध पर क्या रुख अपनाते हैं।
📍 बांदा से सनम की रिपोर्ट












