डीएवी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य के मनमानी, तीन कमिटी कर रही है जांच
सिवान फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ रामानंद राम के द्वारा किए गए महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और परीक्षा में अनियमितता को लेकर जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के आदेश से अलग अलग तीन कमिटी गठित की गई है। महिला शिक्षिकाओं द्वारा राज्यपाल सह कुलाधिपति, बिहार को भेजी गई लिखित शिकायत की जांच प्रो पूनम सिंह के नेतृत्व में गठित विश्विद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति कर रही है। महिला शिक्षिकाओं ने प्राचार्य द्वारा उत्पीड़न,स्पेशल लीव से वंचित करने और ड्यूटी पर रहने के बावजूद वेतन काटने की लिखित शिकायत की हैं।महिला शिक्षकों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया है जिसके कई शिक्षक और छात्र साक्षी हैं। महिला शिक्षिकाओं ने आज आंतरिक शिकायत समिति के सामने उपस्थित होकर अपना बयान रिकॉर्ड कराया है तथा साक्ष्य भी प्रस्तुत किया है।
राजा सिंह कॉलेज सिवान में डॉ रामानंद राम के केंद्राधीक्षक रहते हुए परीक्षा में घोर अव्यवस्था और कदाचार के मामले को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा प्रो हरिश्चंद, प्रो कृष्ण कुमार और डॉ धनंजय कुमार आजाद को मिलकर कमिटी बनाई गई है।इस कमिटी के सामने भी सभी शिक्षकों ने अपना लिखित पक्ष रखा है। प्राचार्य के मनमानी और भ्रष्टाचार को लेकर शिक्षकों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के मद्देनजर प्रो कृष्ण कुमार, प्रो ऊषा सिंह और प्रो महेश चौधरी की जांच समिति बनी है, जिसके सामने भी सभी शिक्षकों ने अपना लिखित बयान दर्ज कराया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा अब तक प्राचार्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। प्राचार्य पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप में जगलाल चौधरी कॉलेज के प्राचार्य रहते हुए निलंबित हो चुके हैं। राजा सिंह कॉलेज के प्राचार्य रहने पर भ्रष्टाचार के आरोप के कारण इनके वित्तीय अधिकार पर विश्वविद्यालय द्वारा रोक लगा दी गई थी। अब डीएवी कॉलेज में कॉलेज के पंखा, हीटर, एसी को लेकर उन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
डीएवी पीजी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ धनंजय यादव और सचिव पवन कुमार ने बताया कि प्राचार्य अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए लगातार गलतबयानी कर रहे हैं।कॉलेज के सभी शिक्षक अनुशासित और समय के पाबंद हैं। प्राचार्य स्वयं कॉलेज बहुत कम आते हैं, इस बात की पुष्टि उनके बायोमेट्रिक अटेंडेंस से की जा सकती है। इन सभी शिकायतों की जांच अलग-अलग टीमें कर रही हैं। देखना है कि इस जांच के पश्चात क्या कार्रवाई की जा रही है।










