नदी के जलधारा से निकल रही ओवरलोड गाड़िया जिम्मेदारों ने डाल रखा पर्दा
बांदा जिले के मतौंध क्षेत्र के मरौली खदान में खुलेआम जिलाधिकारी के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां जिम्मेदार बने मूक दर्शक लगातार अवैध खनन ओवरलोडिंग धड़ल्ले से चल रही फिर भी मजाल है कि कोई आंख उठाकर देख सके खनन कारोबारी पूरी तरह से नदी के अस्तित्व मिटाने में जुटे हुए है मरौली के खंड संख्या 4 5 में नदी की बीच जलधारा में दिन के उजाले में गरज रही दैत्याकार भारी भरकम मशीनें वही आप देख सकते है किस तरह से ओवरलोडिंग के साथ निकाली जा रही गाड़िया
बांदा में अवैध खनन का बड़ा मामला मरोली खंड 5
खंड संचालक संजीव का बोलबाला
वही खंड संख्या 4 में नुनु झा का बोलबाला चल रहा खुलेआम अवैध खनन का खेला
बांदा: उत्तरप्रदेश के बांदा जनपद में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। यहां के मरौली गांव के समीप संचालित मोरम खदान खंड संख्या 5 में नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
“एनजीटी (NGT) के नियमों की अनदेखी”
“पानी का स्तर गिर रहा है, सड़कें टूट रही हैं”
“स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा अवैध खनन”
“खनन माफिया की मिलीभगत से हो रहा अवैध खनन”
“ग्रामीणों की शिकायत है कि
धूल से सांस लेना मुश्किल है”
“रात भर ट्रक चलते हैं, बच्चे सो नहीं पाते है”
“शिकायत करो तो गुंडे धमकाते हैं”
“ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन कुछ नहीं कर रहा”
“कलेक्टर दफ्तर से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर चल रहा अवैध खेल”
“प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही”
“क्या सरकारी रजामंदी का तेल मिल रहा है?
“क्या बिना विभागीय मिलीभगत के हज़ारों टन खनिज रोज़ाना ज़िले की सीमा पार कर सकता है?
“जब ग्रामीण बार-बार लिखित शिकायत दे रहे हैं, तो कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ‘खानापूर्ति’ क्यों?
“क्या खनन माफिया का रसूख स्थानीय अधिकारियों की कलम से ज़्यादा ताकतवर हो गया है?
“प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा अवैध खनन, क्या कार्रवाई होगी? बांदा से सनम मलिक की रिपोर्ट












