अस्पताल के द्वार पर ‘बीमारी’ का पहरा: पीएचसी मांझा के सामने कचरे का अंबार, संक्रमण का बढ़ा खतरा।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

मांझा (गोपालगंज)।। एक तरफ सरकार ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे ही स्वच्छता के दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताजा मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), मांझा के मुख्य द्वार का है, जहाँ अस्पताल के ठीक सामने सड़कों पर कचरे का विशाल ढेर लगा हुआ है। इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके परिजनों को इसी बदबूदार कचरे के बीच से होकर अस्पताल में प्रवेश करना पड़ रहा है। अस्पताल के सामने जमा यह गंदगी मच्छरों और मक्खियों का घर बन गई है, जिससे मरीजों में संक्रमण फैलने का दोहरा खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से यहाँ कचरा फेंका जा रहा है, लेकिन नगर प्रशासन या अस्पताल प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
जहाँ से दवा मिलनी चाहिए, वहीं से बीमारियाँ बंट रही हैं। यह विडंबना ही है कि स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही स्वच्छता का कोई नामोनिशान नहीं है।” – स्थानीय राहगीर
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि प्लास्टिक, सड़ा-गला कचरा और गंदगी किस कदर सड़क के किनारे पसरी हुई है। यदि समय रहते इस कचरे का निस्तारण नहीं किया गया, तो यह अस्पताल आने वाले लोगों के लिए “इलाज” के बजाय “आफत” का सबब बन सकता है। स्थानीय लोगों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान को अविलंब साफ कराकर यहाँ डस्टबिन की व्यवस्था की जाए।












