मुरवल गांव में बदहाली का आलम, कीचड़ और जलभराव ने किया जनजीवन अस्त-व्यस्त
बाँदा जनपद के बबेरू ब्लॉक अंतर्गत मुरवल ग्राम पंचायत इन दिनों बदइंतजामी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नजर आ रहा है। गांव की गलियों में जगह-जगह गंदगी, कीचड़ और जलभराव ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तक का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
कड़ाके की ठंड में गलियों में भरा गंदा पानी ग्रामीणों के लिए बीमारी का खतरा बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है।
इतना ही नहीं, मुरवल की गौशाला में भी अनियमितताओं की भरमार बताई जा रही है। देखरेख और सुविधाओं के अभाव में पशुओं की स्थिति भी चिंताजनक है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों द्वारा भेजी गई तस्वीरें साफ बयां करती हैं कि कीचड़, जलभराव और गंदगी ने गांव को किस कदर जकड़ लिया है, लेकिन प्रधान और सचिव पर इसका कोई असर नहीं दिखता। गांव में यह चर्चा आम है कि जब जनप्रतिनिधि ही जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लें, तो जनता को पांच साल तक इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब संज्ञान लेता है और मुरवल ग्राम पंचायत को इस बदहाली से कब निजात मिलती है।
— बाँदा से सनम की रिपोर्ट












