श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल सिसवां में धूमधाम हुई मां शारदे की पूजा
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में सरस्वती पूजन धूमधाम से मनाई जा रही है। इसको लेकर सरकारी एवं गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के अलावा सभी गांवों में विभिन्न स्थानों पर भी मॉं सरस्वती की प्रतिमा रखकर पूजन, आरती आदि की जा रही है। बता दें कि माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजन का त्योहार मनाया जाता है। बसंत पंचमी से बसंत ऋतु का आरंभ भी होता है। धार्मिक मान्यतानुसार, बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती अवतरित हुई थी। ज्योतिष के मुताबिक, बसंत पंचमी का दिन काफी शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन को अबूझ मुहूर्त के तौर पर भी जाना जाता है। माता सरस्वती के अवतरण को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं।श्रीमद्भागवत के मुताबिक ब्रह्मा के मुख से देवी सरस्वती प्रकट हुईं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण के कंठ से देवी सरस्वती प्रकट हुईं। वहीं, देवी भागवत के अनुसार सरस्वती, देवी दुर्गा का ही सात्विक रूप हैं। इस रूप में देवी माघ महीने की पंचमी पर प्रकट हुईं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार सर्वप्रथम सरस्वती पूजन श्रीकृष्ण ने किया था। फिर वाल्मीकि, भृगु, शुक्राचार्य, कश्यप, याज्ञवल्क्य, गौतम और कणाद ऋषि ने देवी की पूजा की। इन्हीं मान्यताओं के अनुसार ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा अर्चना सभी शैक्षणिक संस्थानों में किया जाता है। पहले सरस्वती पूजा का आयोजन विद्यालयों में किया जाता था। लेकिन लगभग विगत दो दशक से लगभग सभी गांवों सरस्वती पूजा का आयोजन होने लगा है। इस दौरान प्रखंड के सिसवाॅं स्थित श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल सिसवां, राजकीय मध्य विद्यालय जगदीशपुर सहित दर्जनों विद्यालयों में सरस्वती पूजन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।












