खप्टिहा 356/2ः सूर्य अस्त, खनन माफिया मस्त
तिवारी की दबंगई बनी किसानों का काल
रात में अंधेरे में खनन माफिया हो रहा माला-माल

बांदा । बुन्देलखण्ड की सबसे महत्वपूण खनिज सम्पदा लाल सोने की लूट का मजा जमकर खनन माफिया द्वारा लिया जा रहा है। पैलानी तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत खप्टिहा में संचालित हुई 356/2 की खदान इसका जीता जागता उदाहरण है। खनन माफिया तिवारी की दबंगई कानूनों को धता बताते हुए असलहा धारी बदमाशों की मौजूदगी में रात के अंधरे में जमकर नदी की जलधारा में अवैध खनन कार्य किया जाता है। इतना ही नहीं क्षेत्रीय किसानों को धमका कर उनको शांत करा दिया जाता है कि अवैध खनन का विरोध न हो सके। इस खदान का पट्टा लक्ष्तिा इण्टर प्राईजेज के प्रो. सुभाष सिंह के नाम पर है। कहने को पट्टा धारक कोई और लेकिन उसका खास गुर्गा तिवारी का आतंक खप्टिहा 356/2 के खदान में साफ तौर पर देखा जा सकता है। यही कारण है कि तिवारी की दबंगई और सेलटमेंट के कारण ही अधिकारियों की निगाह इस खदान के अवैध खनन पर कभी नहीं पड़ती।
अवैध खनन का आंखो देखा हाल जानने जब हमारी टीम खप्टिहा पहुंची तो खदान के काले कारनामों की कारगुजारी साफ तौर पर नजर आयी। इतना ही किसानों ने भी कैमरे के सामने बताया कि रात के अंधरे में खदान संचालक के गुर्गे तिवारी द्वारा खनिज नियमों की अनदेखी करते हुए नदी की जलधारा में अवैध खनन कार्य किया जाता है। जिससे नदी की बीच में बडे़े-बड़े गढ्ढे हो गये हैं। जब इस बात का विरोध करें तो तिवारी नामक व्यक्ति जो खदान में हमेशा मौजूद रहता है अपने असलहाधारी बदमाशो के दम पर धमका कर भगा देता है। बकौल किसान की माने तो तिवारी का कहना है कि मेरा कोई कुछ नही कर सकता। खनिज विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मेरी जेब में रहत हैं। बहरकाल तिवारी की बात में कहा तक सच्चाई है यह तो नहीं पता लेकिन खनिज और प्रशासनिक अधिकारियो द्वारा कार्यवाही न करना जरूरी सवालिया निशान लगाता है। वहीं जब इस बारे में तहसीलदार पैलानी राधेश्याम से बात की गई तो उन्होंने मामला सज्ञान में आया है। जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। बांदा से सनम की रिपोर्ट












