बांदा में 25 लाख की रंगदारी का आरोप, पत्रकार ने बताया फर्जी मुकदमा – प्रेस ट्रस्ट में आक्रोश
बांदा। पैलानी थाना क्षेत्र में खदान संचालक और एक सम्मानित पत्रकार के बीच रंगदारी के आरोप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खदान संचालक ने सात नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को मनगढ़ंत और साजिश बताया है।
जानकारी के अनुसार गाजियाबाद निवासी खदान संचालक अंकित सिंह ने थाना पैलानी में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि वह सांड़ी खण्ड-1 की सरकारी पट्टे वाली खदान का संचालन कर रहे हैं। 15 मार्च की शाम करीब 6:10 बजे कुछ लोग अवैध असलहों के साथ खदान के रास्ते में पहुंचे और जान से मारने तथा अंग-भंग करने की धमकी देते हुए 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोप है कि दबाव में आकर उन्होंने दो लाख रुपये दे दिए और रोजाना छह ट्रक बालू देने की भी मांग की गई।
मामले में मोहित शुक्ला उर्फ छोटा शुक्ला, राहुल सिंह, मधुराज वर्मा, रूद्रप्रताप सिंह उर्फ सोनू सहित कई लोगों को नामजद किया गया है। खदान संचालक का कहना है कि ये लोग पहले भी रंगदारी मांगते रहे हैं और इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
पत्रकार ने लगाया फर्जी मुकदमे का आरोप
दूसरी ओर नामजद पत्रकार महेश द्विवेदी ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उन्हें पत्रकारिता में बदनाम करने और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह खदान संचालक अंकित सिंह को जानते तक नहीं हैं। पत्रकार ने आरोप लगाया कि गांव की रंजिश के चलते कुछ लोगों ने साजिशन उनका नाम इस मामले में शामिल कराया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बांदा प्रेस ट्रस्ट में उबाल
इस मामले के बाद बांदा प्रेस ट्रस्ट के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रेस ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। संगठन ने पीड़ित पत्रकार को पूरा समर्थन देने की बात कही है और जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, आयुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा।
प्रेस ट्रस्ट ने पैलानी पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि बिना जांच के गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवमानना है। पत्रकारों ने पूरे मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाने की चेतावनी दी है।
सोमवार को बांदा प्रेस ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी ने आश्वासन दिया है कि साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि एक तरफ खदान संचालक रंगदारी का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर पत्रकार इसे साजिश बता रहे हैं। मामला तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।










