नौतन के विश्रामपुर में अपराधियों ने की मारपीट व फायरिंग, लोगों में दहशत
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट

स्थानीय थाना क्षेत्र के विश्रामपुर में दो दिनों से अपराधियों द्वारा किये जा रहे तांडव को लेकर लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. वहीं अपराधियों की सारी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं, जिसमें फायरिंग करते हुए अपराधियों द्वारा साक्ष्य मिटाने के लिए गोली का खोखा उठाते हुए भी देखा जा रहा है, इस घटना के बाद से एक परिवार उन अपराधियों के भय से घर से निकलने में अभी भी सोचने पर मजबूर है. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि 20 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को शाम के समय विश्रामपुर गांव के मोड़ पर हृदयानंद पटेल का पुत्र संदीप पटेल अंडे की दुकान पर अंडा खा रहा था, उक्त गांव नौतन थाना क्षेत्र के सीमावर्ती होने के कारण यहां से शराब तस्करों का आना-जाना लगा रहता है, उस दिन भी शाम के समय संदीप के अंडा खाने के दौरान रास्ते से गुजर रहे शराब तस्करों ने उसे धक्का मार दिया, जिसको लेकर नोंकझोंक हो गई, आसपास के लोगों ने बीच बचाव कर दिया, जिसके बाद शराब तस्कर जान से मारने की धमकी देकर निकल गए, इस घटना के डेढ़ दो घंटे बाद रात्रि नौ बजे के आसपास फिर से बाइक सवार दर्जन भर शराब तस्करों ने संदीप के छोटे भाई अमित पटेल को मारने के लिए पीछा किया, उसने भागकर घर में छिपकर अपनी जान बचाई, इसके बाद अपराधियों ने लगभग 10 मिनट तक उसके घर पर पत्थरबाजी एवं फायरिंग किया, पीड़ित परिवार ने घर के अंदर से 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, इससे पहले कि पुलिस पहुंचती, सारे हमलावर फरार हो गए थे। अगले दिन 21 फरवरी 2026 दिन शनिवार को दोपहर ढाई बजे आधा दर्जन बाइक पर सवार लगभग 15 की संख्या में अपराधियों ने पहुंचकर उसके घर पर गाली-गलौज करते हुए फायरिंग करते हुए तांडव मचा दिया। पीड़ित परिवार ने गोलीबारी की सूचना मोबाइल फोन से स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस एवं मैरवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी घटनास्थल पर पहुंचकर घटना का जायजा लेते हुए जांच में जुट गए एवं पीड़ित परिवार से लिखित आवेदन देने की बात कही। पीड़ित हृदयानंद पटेल ने थाने में लिखित आवेदन देकर छह लोगों को नामजद आरोपित करते हुए दर्जन भर अज्ञात अपराधियों को आरोपित किया है। इस घटना को लेकर पूरे गांव में दहशत का माहौल अभी तक बना हुआ है। इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है तथा एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
क्या कहते हैं ग्रामीण –
ग्रामीणों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्कर लगातार शराब की तस्करी कर रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीणों का जीना दुभर हो गया है। तस्करी में संलिप्त दोपहिया वाहन से लेकर चारपहिया वाहनों की स्पीड इस तरह होती है कि गलती से भी अगर कोई बच्चा या बुजुर्ग रास्ते में आ जाए तो सीधे स्वर्ग सिधार जाएगा। सभी तस्कर अपने साथ अवैध हथियार लेकर लहराते हुए चलते हैं, जिससे आम लोग मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। लोगों का यह भी मानना है कि पीड़ित परिवार के घर में सड़क किनारे लगे लगे सीसीटीवी कैमरे भी विवाद का कारण हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में शराब तस्करी की सूचना पुलिस को दे दी जाती थी। लेकिन अब पुलिस और शराब तस्करों की सांठगांठ के कारण पुलिस को सूचना देना भी खतरों से खाली नहीं है। पुलिस को सूचना देने अगले दिन ही शराब तस्कर घर पर पहुंचकर गोली मारने की धमकी देने लगते हैं। यह बात भी लोगों द्वारा कही जा रही है कि शराब तस्करों के वाहनों को देखकर पुलिस मुंह घुमा लेती है। फिलहाल क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ते तथा पुलिस की सक्रियता कमतर दिखाई दे रही है।










