रिश्वत नहीं दी तो बरसी लाठी! बांदा में लेखपाल पर युवक से मारपीट और जातिसूचक गाली देने का गंभीर आरोप
बांदा। जनपद के राजस्व महकमे से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लेखपालों की दबंगई ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक युवक को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने रिश्वत देने से इनकार कर दिया।
पीड़ित युवक के अनुसार, वह बांदा सदर तहसील में अपना ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने गया था। इसी दौरान वहां तैनात लेखपाल सुधीर यादव और उसके एक सहयोगी ने उससे कथित तौर पर घूस की मांग की। युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से मना किया, तो दोनों ने उस पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज भी की गई।
हमले से घबराया युवक किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा और सीधे सिविल लाइन चौकी पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मीडिया द्वारा जब इस मामले में उप जिलाधिकारी नमन मेहता का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनके कार्यालय पर मौजूद अर्दली ने बताया कि “साहब अभी व्यस्त हैं”, जिसके चलते आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
वहीं सूत्रों की मानें तो जैसे ही पीड़ित कोतवाली पहुंचा, संबंधित विभाग के लोग मामले को दबाने और समझौता कराने के प्रयास में जुट गए।
अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी कर्मचारी इतने बेलगाम हो चुके हैं कि रिश्वत न मिलने पर आम जनता के साथ मारपीट तक पर उतर आते हैं? यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम लोगों के विश्वास को भी झकझोरती है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बांदा से सनम मलिक की रिपोर्ट।












