गोपालगंज: ईंधन की कालाबाजारी पर डीएम सख्त, 90 पेट्रोल पंपों के स्टॉक की होगी जांच।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज।। जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी रोकने के लिए डीएम ने जिले के 90 पेट्रोल पंपों के स्टॉक की सघन जांच के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब पेट्रोल पंपों पर खुले में (गैलन, बोतल या अन्य डब्बों में) ईंधन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। डीएम ने निर्देश दिया है कि ईंधन केवल वाहनों की टंकियों में ही भरा जाएगा। यह कदम सुरक्षा कारणों और अवैध भंडारण को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर अवैध रूप से तेल बेचने वालों को चिन्हित किया जाए। ऐसे बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में उतरकर स्टॉक का मिलान करने को कहा गया है।
“जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। आम जनता अफवाहों पर ध्यान न दे। यदि कोई पंप संचालक या व्यक्ति ईंधन की जमाखोरी या अवैध बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” — पवन कुमार सिन्हा, जिलाधिकारी, गोपालगंज
पिछले कुछ दिनों से जिले में तेल खत्म होने की उड़ रही अफवाहों के कारण पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई थी। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह सामान्य है। विभागीय टीमों को रैंडम चेकिंग के लिए तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी कृत्रिम किल्लत की स्थिति पैदा न हो सके।










