थावे मंदिर जीर्णोद्धार में देरी: विधायक मंजीत सिंह ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग।
पटना/गोपालगंज।। गोपालगंज के प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे मंदिर परिसर के पुनरुद्धार कार्य में हो रही लेत-लतीफी को लेकर सियासत गरमा गई है। बिहार विधानसभा सदस्य और लोक लेखा समिति के सदस्य मंजीत कुमार सिंह ने इस संबंध में बिहार सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने काम में देरी के लिए जिम्मेदार संवेदक (ठेकेदार) पर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा थावे मंदिर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 29 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी, जो 17 मई 2023 को हुयी थी जिसकी कार्य प्रारंभ 4 अगस्त 2023 से शुरू हो कर 3 जनवरी 2025 को ख़तम होना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक मात्र 40% काम ही पूरा हो सका है। 18 महीने का काम, वित्तीय वर्ष भी बीतने को मंजीत सिंह ने पत्र में नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस कार्य को 18 महीने में पूरा हो जाना चाहिए था, वह वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन की ओर बढ़ने के बावजूद अधूरा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मंदिर परिसर को तीन जोन में बांटकर प्रवेश द्वार, पार्किंग, 800 पक्की दुकानें, म्यूजिकल फाउंटेन (80 मीटर लंबा), झील का नवीनीकरण और लैंडस्केपिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य होने थे। पत्र के अनुसार, प्रोजेक्ट में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं जो अभी लंबित या अधूरे हैं, कंक्रीट, ईंट कार्य, कोटा स्टोन और ग्रेनाइट फ्लोरिंग।250 से अधिक प्रजातियों के पौधे और लॉन का निर्माण। म्यूजिकल वाटर फाउंटेन, चिल्ड्रन प्ले एरिया और लाइट शो।ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट और साइन बोर्ड। विधायक ने जोर देकर कहा कि थावे मंदिर न केवल बिहार बल्कि नेपाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। चैत्र और आश्विन मास के मेले में यहाँ लाखों लोग आते हैं। काम समय पर पूरा न होने से श्रद्धालुओं को भारी असुविधा हो रही है और पर्यटन विकास की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। मंजीत कुमार सिंह ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि “कार्य को समय पर पूरा नहीं करने वाले दोषी संवेदक पर जिला प्रशासन अविलंब कार्रवाई शुरू करे” ताकि मंदिर की सुरक्षा और सुंदरता सुनिश्चित की जा सके।












