परशुराम सेना की बैठक में सामूहिक उपनयन संस्कार को लेकर हुआ मंथन, 27 अप्रैल 2026 की संभावित तिथि तय
सीतामढ़ी।भगवान परशुराम के आदर्शों और संस्कारों को समाज में सुदृढ़ करने के उद्देश्य से परशुराम सेना द्वारा रविवार को शहर स्थित संत करेंस स्कूल परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं “जय श्री परशुराम” के जयघोष के साथ की गई।
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य सामूहिक उपनयन संस्कार का आयोजन किया जाएगा। इस पावन धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, आयोजन स्थल, व्यवस्था, पंजीकरण प्रक्रिया एवं समाज की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श किया गया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आपसी सहमति से सामूहिक उपनयन संस्कार की संभावित तिथि 27 अप्रैल 2026 निर्धारित की। सभी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और अनुकरणीय बनाने के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करने का संकल्प लिया।
परशुराम सेना के वक्ताओं ने कहा कि सामूहिक उपनयन संस्कार न केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन है, बल्कि यह समाज में संस्कार, संस्कृति, समानता और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है। सामूहिक आयोजन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी अपने बच्चों के संस्कार संपन्न कराने का अवसर मिलता है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस आयोजन से जुड़ सकें। साथ ही आयोजन को सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी शीघ्र किया जाएगा।
अंत में सभी सदस्यों ने भगवान परशुराम से समाज की उन्नति, एकता और आयोजन की सफलता की कामना की। बैठक का समापन जय श्री परशुराम और भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।












