भोरे में गैस एजेंसी पर फूटा गुस्सा, वायरलेस मोड़ पर घंटों चक्का जाम
भोरे। बाजार स्थित जेआरएम इंडेन ग्रामीण वितरक के कार्यालय पर पिछले कई दिनों से ताला लटके रहने से उपभोक्ताओं का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। नाराज लोगों ने एजेंसी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए भोरे के सबसे व्यस्त वायरलेस मोड़ को जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे लगातार ई-केवाईसी कराने और बंद पड़े या पुराने मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। सरकार के निर्देशानुसार केवाईसी अनिवार्य होने के कारण बिना अपडेट के गैस बुकिंग और सब्सिडी में परेशानी हो रही है। बावजूद इसके, एजेंसी कार्यालय या तो बंद मिलता है या वहां कोई जिम्मेदार कर्मी मौजूद नहीं रहता।
ग्रामीणों ने बताया कि वे दूर-दराज गांवों से किराया खर्च कर एजेंसी तक पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी काम नहीं होता। एक उपभोक्ता ने आक्रोश जताते हुए कहा कि मोबाइल नंबर अपडेट कराना जरूरी है, पर दफ्तर खुलता ही नहीं। फोन करने पर भी सही जानकारी नहीं मिलती, जिससे गरीब उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही भोरे थानाध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम हटवाया और एजेंसी संचालक से संपर्क कर तत्काल कार्यालय खोलने व लंबित कार्यों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया।
घटना के बाद क्षेत्र के उपभोक्ताओं में एजेंसी प्रबंधन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर केवाईसी प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई और कार्यालय नियमित रूप से नहीं खुला, तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन करेंगे।










