विजयीपुर अटल हत्याकांड में बड़ा फैसला: माले नेता जितेंद्र पासवान को उम्रकैद
विजयीपुर/गोपालगंज।
जिले के बहुचर्चित अटल पांडेय हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए भोरे विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सीपीआई (माले) प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
विजयीपुर थाना क्षेत्र के कोरेयां गांव में 2 दिसंबर 2021 को भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना में अटल पांडेय को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने जितेंद्र पासवान समेत कुल 19 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।
फैसले को लेकर संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय परिसर में सुबह से ही भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
फैसले के बाद सीपीआई (माले) कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कहा कि वे न्यायालय और कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका आरोप है कि जितेंद्र पासवान को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है।
उनका दावा है कि घटना जमीनी विवाद का परिणाम थी और उस समय पासवान मौके पर मौजूद नहीं थे। साथ ही मोबाइल लोकेशन की समुचित जांच नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
पीड़ित परिवार ने फांसी की सजा की मांग दोहराई
न्यायालय द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद स्वर्गीय अटल पांडेय के पिता शत्रुघ्न पांडेय, चाचा नागेंद्र पांडेय एवं हृदया पांडेय ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
हालांकि, उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अभियुक्त को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की थी। परिवार का कहना है कि वे इस मांग को लेकर आगे भी कानूनी प्रक्रिया जारी रखेंगे।
फैसले के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर पीड़ित पक्ष इसे न्याय की जीत बता रहा है, वहीं दूसरी ओर माले समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दे रहे हैं। जितेन्द्र पासवान ने कहा की न्याय की कत्ल हुआ है,वह उच्च न्यायालय जाने की बात कही
अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित अपील पर सबकी निगाहें टिकी हैं।











