फार्मर आईडी बनाने में परेशान हो रहे कर्मी, जमाबंदी में गड़बड़ी हो रही बाधक
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्रेशन और फार्मर आईडी बनाने को लेकर अलग-अलग कर्मियों को लगाया गया है। इनमें विकास मित्र, कार्यपालक सहायक, कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक आदि शामिल हैं। सभी कर्मी पूरी तत्परता से फिल्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन रिजल्ट प्रत्याशित नहीं मिल रहा है। इसमें सबसे बड़ी बाधा राजस्व कर्मियों की पूर्व में लापरवाही देखी जा रही है। खारिज दाखिल से लेकर परिमार्जन तक में अगर राजस्व विभाग के कर्मियों द्वारा ध्यान दिया गया रहता, तो आज इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर आईडी बनाने में लगाए गए कर्मियों के अनुसार जिन लाभुकों का अभी तक फार्मर आईडी नहीं बना है उनके पुराने जमाबंदियों में रकबा नहीं दिखा रहा है। इससे यह साबित हो रहा है कि परिमार्जन के लिए जो आवेदन किया गया उनका निराकरण नहीं किया गया, जिससे यह समस्याएं सबसे ज्यादा हो रही हैं। कुछ आधार कार्ड और जमाबंदी के नाम में अंतर होने के कारण भी नहीं हो रहा है। इस तरह की समस्याएं लगभग सभी राजस्व ग्रामों से आ रही है। इस पर पदाधिकारियों से लेकर सरकार तक को ठोस कदम उठाते हुए इस तर त्वरित कार्य होने चाहिए या फिर कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्वजों के नाम पर जमीन होने वाले किसानों के भी फार्मर आईडी बनाए जाने हैं। लेकिन यह भी धरातल पर नहीं दिखाई दे रहा है। सभी कर्मी सिस्टम में इस तरह के प्रावधान नहीं होने की बात कहकर अपनी असमर्थता जता रहे हैं। किसानों का कहना है कि इन सभी समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, जिससे की सभी किसानों को समुचित लाभ मिल सके।











