श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल के दो छात्रों ने पाई सरकारी नौकरी
एक बना कांस्टेबल, तो दूसरा लोको-पायलट
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट


स्थानीय प्रखंड के दो अलग-अलग गांवों के दो युवकों ने एक साथ सरकारी नौकरी प्राप्त कर युवाओं के आइकन बन गए हैं। बता दें कि स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के सिसवां गांव स्थित श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल के दो पूर्व छात्रों ने अपनी लगन, मेहनत और शिक्षा के बल पर सरकारी सेवा में सफलता प्राप्त कर विद्यालय, गुरुजनों और परिवार का नाम रोशन किया है। ये दोनों युवा रानू कुमार और विक्की कुमार हैं, जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उक्त विद्यालय से प्राप्त की है। अब ये दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण पद हासिल कर बिहार और देश की सेवा में योगदान देना शुरू कर दिया है।
नौतन प्रखंड के विशुनपुरा गांव से आने वाले रानू कुमार ने बिहार पुलिस विभाग में अपनी नियुक्ति प्राप्त की है। कठिन प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद अब वे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा भी बन गई है। दूसरी ओर नौतन प्रखंड के ही सिसवां गांव से आने वाले विक्की कुमार ने भारतीय रेलवे में लोको-पायलट के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर देश की रेल सेवा से जुड़ गए हैं। लोको-पायलट के रूप में वे ट्रेनों का सुरक्षित संचालन करते हुए लाखों यात्रियों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी यह सफलता रेलवे जैसे विशाल संगठन में अपनी जगह बनाने का जीता-जागता उदाहरण है।
दोनों छात्रों की खास बात यह है कि वे एक छोटे से गांव से निकलकर इतनी ऊंचाई तक पहुंचे। श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल ने उन्हें न सिर्फ शैक्षणिक ज्ञान दिया, बल्कि अनुशासन, नैतिक मूल्य और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान की। स्कूल के प्रबन्धक-सह-प्रधानाध्यापक श्री राकेश कुमार मिश्र एवं उनके कुशल शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्नेह ने उनके व्यक्तित्व को निखारा और उन्हें सही दिशा दिखाई।
नौकरी ज्वाइन करने के बाद पहली छुट्टी में जब दोनों घर लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले अपने विद्यालय का सम्मान किया और श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने श्री राकेश कुमार मिश्र के चरण स्पर्श किए, मिठाई खिलाई और भावुक होकर उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि गुरुजी की सही शिक्षा और निरंतर प्रेरणा के बिना आज की यह सफलता संभव नहीं होती। उनका यह व्यवहार साबित करता है कि सच्ची सफलता वही है जो अपनी जड़ों को याद रखे और गुरु-माता-पिता का सम्मान करे। रानू और विक्की की यह मिसाल बिहार के ग्रामीण युवाओं को दिखाती है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी सपना साकार हो सकता है। श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल आज गर्व से कह सकता है कि उसके छात्र न केवल व्यक्तिगत सफलता पा रहे हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा में भी अपना योगदान दे रहे हैं।












