गोवंश शहीद
सूखी पराली खिलाकर बनाया जा रहा कुपोषित
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बांदा-गोरक्षा जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति अपनी टीम के साथ बबेरू ब्लाक के विभिन्न गौशालाओं का भ्रमण किया।जिसमें अधिकतर गौशाला में पाया गया कि गौशाला कर्मचारी ही गायब हैं।जिसकी बजह से भूख और इलाज के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे है।निरीक्षण से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि बबेरू ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरथा में संचालित अस्थाई गौशाला में पहुंच कर देखा गया कि गोवंश की हालत बेहद दयनीय स्थिति पर है।गौशाला के अंदर सिर्फ 80 गोवंश मिले।गोवंश को सिर्फ सूखी पराली खिलाई जा रही है।खाने की चरही ही टूटी पडी है।पानी पीने वाली टंकी भी टूटी हुई थी।टीनसेड भी टूटा हुआ था।जिस पर गोवंश को छाया की व्यवस्था नहीं मिली।इसी प्रकार बबेरू ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत आलमपुर में संचालित अस्थाई गौशाला पर बाहर से ताला लटका हुआ था।गौशाला के अंदर सिर्फ 35 गोवंश दिखाई दिए।लगभग 5ः30 बजे तक खाने के लिए कुछ भी नहीं डाला गया था।गोवंश इंतजार में खड़े थे कि कोई व्यक्ति आए तो हमको भोजन डालें।अधिकतर गौशालाओं में गौशाला कर्मचारी नहीं मिलते।बाहर से ताला लटका मिलता है।गोवंशों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं मिल रही।इसी प्रकार ग्राम पंचायत बड़ागांव में संचालित स्थाई गौशाला पर भी गोवंशों को सिर्फ सूखी पराली खिलाकर गोवंश का पेट भरा जा रहा है।ग्राम पंचायत बाघेटा में संचालित अस्थाई गौशाला में गोवंशों को सूखी पराली खिलाकर गोवंश का पेट भरा जा रहा है। तिंदवारी ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोखरही में भी गौशाला में बाहर ताला लटका हुआ पाया गया।कोई कर्मचारी नहीं मिला और रोड किनारे एक गोवंश मृत मिला जिसे कुत्ते नोच कर खा रहे थे। ग्राम पंचायत मुंगुस में संचालित अस्थाई गौशाला पर गोवंश को सिर्फ सूखी पराली खिलाई जा रही है।जिससे गोवंश बेहद कमजोर और कुपोषण का शिकार होता चला जा रहा है।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसी भी गौशाला पर गोवंश के लिए उचित व्यवस्था नहीं की जा रही।क्षेत्रीय खंड विकास अधिकारी,क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी गोवंशों को लेकर रुचि नहीं दिख रहे हैं जिससे गोवंश बेहद कमजोर और कुपोषण का शिकार हो रहे है जिसके चलते गोवंश लगातार मृत्यु की कगार पर पहुच रहे है।