जिला परिवहन समिति की बैठक जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी सीतामढ़ी की अध्यक्षता में जिला परिवहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला प्रबंधक—राज्य खाद्य निगम, सीतामढ़ी सहित राज्य खाद्य निगम से संबद्ध सभी 08 मुख्य (MAIN) एवं 08 उप (DSD) परिवहन अभिकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा खाद्यान्न के उठाव, प्रेषण एवं वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभी परिवहन अभिकर्ताओं (MAIN/DSD) को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण हर हाल में पूर्ण किया जाए। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा विलंब को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सख्त शब्दों में कहा कि खाद्यान्न आपूर्ति जनहित से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। किसी भी पात्र लाभुक को यदि एक दाना भी खाद्यान्न से वंचित किया गया, तो संबंधित परिवहन अभिकर्ता एवं जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सीतामढ़ी द्वारा अवगत कराया गया कि माह जनवरी 2026 के खाद्यान्न प्रेषण के मामले में सीतामढ़ी जिला राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा है। वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जनवरी 2026 तक जिले के सभी पात्र लाभुकों को ससमय शत-प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है तथा कोई भी लाभुक खाद्यान्न से वंचित नहीं हुआ है।
जिला प्रबंधक द्वारा यह भी बताया गया कि माह नवम्बर 2025 एवं दिसम्बर 2025 के विरुद्ध FCI द्वारा खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उठाव संभव नहीं हो सका था। इस संबंध में विभाग द्वारा भारत सरकार से खाद्यान्न उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। अवधि विस्तार प्राप्त होते ही शेष खाद्यान्न का उठाव पूर्ण कर लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने पुनः निर्देश देते हुए कहा कि खाद्यान्न आपूर्ति, उठाव एवं वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस व्यवस्था की नियमित जांच हेतु अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) की अध्यक्षता में त्रिसदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया, जो पूरे तंत्र की सतत निगरानी करेगी।












