अवैध खनन मे विधायक नरैनी ने पत्र लिखकर की कार्यवाही की मांग
बांदा-जनपद मे बालू के अवैध खनन और परिवहन में जिले के कई अधिकारियों के हाथ होने की चर्चा लोगों के बीच आम बनी हुई है।क्षेत्रीय विधायक ओममणी वर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तहसील के राजस्व कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।विधायक ने 5 फरवरी को डीएम को भेजे पत्र में बताया है कि रंज नदी में चंदपुरा गांव के घाट का पट्टेदार अपनी लीज से हटकर बड़ैछा गांव के क्षेत्र में बालू का अवैध खनन लगातार कर रहा है। मामले का शिकायती पत्र प्राप्त होने पर स्थानीय अधिकारियों सहित खनिज अधिकारी से शिकायत की थी।जिसमें नायब तहसीलदार आशीष शुक्ला को जांच के लिए उपजिलाधिकारी नरैनी ने निर्देशित कर मौके पर भेजा था।लेकिन नायब तहसीलदार मौके पर नहीं पहुंचे।बल्कि बीच में ठेकेदारों से प्रभावित होकर ही लौट आये।आरोप है कि स्थानीय प्रशासन को गुमराह करते हुए अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि मौके पर कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है।विधायक ने कहा है कि इससे यह सिद्ध हो रहा है कि स्थानीय राजस्व अधिकारियों की मिली भगत से अवैध खनन हो रहा है।नायब तहसीलदार पिछले 3 वर्षों से भी ज्यादा समय से यहां कार्यरत हैं। इनके बालू खनन करने वाले व्यक्तियों से बहुत गहरे संबंध होने की शंका है और इनकी मिलीभगत से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा है।जिलाधिकारी से मांग की है कि नायब तहसीलदार की कार्यप्रणाली की गोपनीय जांच कराया जाना आवश्यक है।अपर जिलाधिकारी व खनिज अधिकारी को मौके पर भेजकर अवैध खनन के उक्त मामले की जांच व सीमांकन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाय।यदि पट्टेदार द्वारा अवैध खनन किया गया है तो उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाए।मिली जानकारी के अनुसार बड़ैछा गांव के हरिशंकर आदि व भाजपा के मंडल अध्यक्ष आदित्य चतुर्वेदी ने विधायक को शिकायती पत्र देकर बताया था कि चंदपुरा गांव में रंज नदी पर गाटा संख्या 269, 287 व 313 कुल रकबा 1.445 हेक्टेयर में जगदीश प्रसाद को बालू खनन का पट्टा दिया गया है।लेकिन पट्टेदार आवंटित भूमि पर बालू का खनन नहीं कर रहा है।बल्कि बगल से लगे बड़ैछा गांव के क्षेत्र में गाटा 395 व 404 में बालू का अवैध खनन कर रहा है।स्थानीय काश्तकारों द्वारा अवैध खनन का विरोध करने पर ठेकेदार के लोग बंदूक की नोक पर अभद्रता पूर्ण तरीके से व्यवहार कर धमकाते रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में सरकार व जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त हो रहा है।












