बिहार सरकार ने पेश किया ऐतिहासिक बजट 2026-27 — विकास, समावेश और रोजगार को मिला नया आयाम

पटना, 3 फरवरी, 2026 — आज बिहार विधानमंडल में माननीय वित्त मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जो विकास, न्याय और सशक्तिकरण का बेमिसाल सम्मिश्रण है। यह बजट न केवल आर्थिक मजबूती को लक्षित करता है, बल्कि समाज के हर वर्ग — किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों के लिए विशेष संवेदनशीलता के साथ बनाया गया है।
बजट अनुमान: 3,47,000 करोड़ रुपये से अधिक
पिछले वर्ष की तुलना में यह बजट लगभग 30,000 करोड़ रुपये अधिक है, जो बिहार की तेजी से बढ़ती आर्थिक जरूरतों को दर्शाता है।
विकास दर का अनुमान 14.9%
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो राज्य को राष्ट्र के अग्रणी विकासशील प्रदेशों में स्थापित करेगा।
नौकरी और रोजगार: एक करोड़ युवाओं को अवसर
सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

उसी दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है।
उद्योग और कृषि को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन तथा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन आबंटित किए गए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई नए प्रस्ताव शामिल किए गए हैं ताकि मूलभूत सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार हो।
समावेशी और सशक्त बिहार का सपना साकार
बजट में सामाजिक समावेशन, युवा कौशल विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट “विकास की गति तेज करने, अवसरों का सृजन करने और हर नागरिक को आगे की ओर समर्पित” है।
राज्य-केंद्र सहयोग से तेज विकास की राह
बजट प्रस्तुति के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार का सहयोग बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने के प्रयासों को और मजबूती देगा।
नया बजट — बिहार का संकल्प, सबका विकास!
यह बजट न सिर्फ आंकड़ों का प्रदर्शन है, बल्कि हर परिवार के लिए अवसर, हर युवा के लिए उम्मीद और हर महिला के लिए सशक्तिकरण का संदेश हैं।












