नरक बनी मांझा पूर्वी की सड़कें, नाले के गंदे पानी के बीच ‘सर्कस’ करने को मजबूर राहगीर।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मांझागढ (गोपालगंज )।। जल निकासी की बदहाली ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। जिले के मांझागढ थाना क्षेत्र के मांझा पूर्वी पंचयात के लंगटुहाता मे मुख्य सड़क पर महीनों से बह रहे नाले के गंदे पानी ने न केवल इलाके की सूरत बिगाड़ दी है, बल्कि इसे बीमारियों का केंद्र भी बना दिया है। सड़क पर जमा कीचड़ और काले पानी के बीच से साइकिल और बाइक सवार फिसलने के डर से गुजरते हैं। पैदल चलने वालों के लिए तो रास्ता पूरी तरह बंद जैसा है। खुले में बहता यह पानी मच्छरों और बैक्टीरिया के पनपने की मुख्य वजह बना हुआ है, जिससे क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बच्चे और युवा अपनी जान जोखिम में डालकर इस फिसलन भरी सड़क को पार कर रहे हैं। राहगीरों का कहना है कि, “यह सड़क नहीं, बल्कि एक सजा बन गई है। रात के अंधेरे में कीचड़ दिखाई न देने के कारण कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं।”क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? टैक्स भरने के बाद भी अगर हमें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़े, तो यह व्यवस्था की विफलता है।”












