सीतामढ़ी: पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में विमल शुक्ला JDU से निष्कासित।
अखंड भारत से आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
सीतामढ़ी।। जिले की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में वरिष्ठ नेता सह अधिवक्ता विमल शुक्ला को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, विमल शुक्ला को तत्काल प्रभाव से 6 वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है। उन पर आरोप है कि वे लंबे समय से पार्टी की नीतियों के विरुद्ध कार्य कर रहे थे, जिससे संगठन की छवि धूमिल हो रही थी। लोक अभियोजक पद से भी हो चुकी है छुट्टी विमल शुक्ला के लिए यह दोहरा झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पूर्व उन्हें लोक अभियोजक (Public Prosecutor) के महत्वपूर्ण पद से भी हटा दिया गया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनकी कार्यशैली और हालिया गतिविधियों को लेकर आलाकमान उनसे काफी नाराज चल रहा था। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता। 6 साल के लिए निष्कासन। उमेश सिंह कुशवाहा (प्रदेश अध्यक्ष, JDU)। हाल ही में लोक अभियोजक के पद से भी हटाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजनीतिक समीकरणों में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के इस कड़े रुख से स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं को कड़ा संदेश दिया गया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।












