UGC एक्ट के खिलाफ कुमार विश्वास का ‘काव्यात्मक’ प्रहार
कुमार विश्वास ने UGC के नए मसौदे के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में कविता की पंक्तियों के माध्यम से सरकार और व्यवस्था पर कटाक्ष किया है। UGC के उस मसौदे का विरोध हो रहा था जिसमें यह सुझाव दिया गया था कि यदि उपयुक्त आरक्षित श्रेणी (SC/ST/OBC) के उम्मीदवार नहीं मिलते हैं, तो उन पदों को अनारक्षित श्रेणी में बदला जा सकता है। पोस्टर में उनके द्वारा कही गई पंक्तियाँ व्यवस्था के प्रति उनके तीखे विरोध को दर्शाती हैं।
”चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा, रौैया-रौैया उखाड़ लो राजा।”
ये पंक्तियाँ वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में ‘सवर्ण’ वर्ग की स्थिति और आरक्षण नीतियों को लेकर उनके व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण को उजागर करती हैं। भारी विरोध और सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए, शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि किसी भी आरक्षित पद को अनारक्षित नहीं किया जाएगा और UGC को उस विवादित ड्राफ्ट को वापस लेने का निर्देश दिया गया था।












