पोक्सो एक्ट के अभियुक्त को मिला 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं 50,000 रू० अर्थदण्ड की सजा
गोपालगंज
पोक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई है। बैकुण्ठपुर थाना कांड संख्या–130/23 में माननीय न्यायालय ने पोक्सो एक्ट एवं अन्य धाराओं में दोषी पाए गए अभियुक्तों को 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मामले में अभियुक्त राधेश्याम कुमार, पिता–ललन महतो, निवासी–खैरा आजम तथा सोनू कुमार, पिता–राजेश्वर महतो, निवासी–ब्रह्मपुर, थाना बैकुण्ठपुर, जिला गोपालगंज को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने धारा 376 (डीए) भादवि के तहत 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना (जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास), धारा 363 भादवि में 7 वर्षों का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 341 भादवि में एक माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 6 पोक्सो एक्ट के तहत 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उपरोक्त सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही विचारण के दौरान कारागार में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 (वर्तमान में धारा 468 बीएनएस) के तहत सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने में विशेष लोक अभियोजक दरोगा प्रसाद सिंह की अहम भूमिका रही, जिनकी प्रभावी पैरवी के चलते अभियोजन पक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने में सफल रहा।
इस फैसले के बाद जिले में कानून के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है तथा अपराधियों में कड़ा संदेश गया है कि पोक्सो जैसे जघन्य अपराधों पर कानून पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।












