डूबा घाट के लाल ने देश के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान
जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान रविंद्र कुमार दुबे
सीवान से पंकज सिंह की रिपो

डूबा घाट की धरती एक बार फिर देशभक्ति और बलिदान की मिसाल बनी है। ग्राम डूबा, थाना दरौली, जिला सिवान निवासी सीआरपीएफ के वीर जवान रविंद्र कुमार दुबे ने जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद रविंद्र कुमार दुबे, पिता राम सागर दुबे, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में कार्यरत थे और वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के आतंक प्रभावित क्षेत्र में थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान देश की सुरक्षा में तैनात जवान रविंद्र कुमार दुबे वीरगति को प्राप्त हो गए। जैसे ही उनकी शहादत की सूचना गांव और जिले में पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव सहित आसपास के इलाकों में मातम पसरा हुआ है।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
शहादत की खबर मिलते ही गांव डूबा में लोगों का तांता लग गया। हर कोई अपने वीर सपूत को याद कर गर्व और गम के मिले-जुले भाव से अभिभूत दिखा। ग्रामीणों का कहना है कि रविंद्र कुमार दुबे शुरू से ही अनुशासनप्रिय और देशसेवा के लिए समर्पित थे। उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद के परिवार को सहायता की मांग
स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार से शहीद के परिवार को समुचित मुआवजा, पूरे राजकीय सम्मान तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए और उनके परिवार को हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए।
शहीद रविंद्र कुमार दुबे का यह बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।












