जर्जर डुमरिया पुल के लिए सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने फिर उठाई आवाज, नितिन गडकरी को सौंपा पत्र
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
नई दिल्ली/गोपालगंज ।। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सह माननीय सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने गोपालगंज जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर स्थित डुमरिया पुल के पुनर्निर्माण के लिए अपनी सक्रियता तेज कर दी है। मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपकर पुल के शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग दोहराई। सांसद डॉ. सुमन ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि गंडक नदी पर बना यह पुल अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुल की संवेदनशीलता को देखते हुए इसके पुनर्निर्माण हेतु स्टील फ्रेम/स्टील गर्डर की शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि काम में तेजी आ सके और यातायात सुरक्षित हो सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पुल?
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का हिस्सा :- यह पुल सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उत्तर भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। पुल की जर्जर स्थिति के कारण भारी वाहनों के आवागमन में हमेशा जोखिम बना रहता है।गोपालगंज और आसपास के जिलों के व्यापार और परिवहन के लिए यह मुख्य मार्ग है।
यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस मुद्दे को उठाया है। वे लगातार सदन से लेकर मंत्रालय तक डुमरिया पुल के मुद्दे को प्राथमिकता देते रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सांसद की मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया है।इस मुलाकात के दौरान सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार जल्द ही इस परियोजना को हरी झंडी देगी, जिससे गोपालगंज की जनता को जर्जर पुल की समस्या से स्थायी निजात मिल सकेगी।












