सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम, परियोजना लागत बढ़कर ₹255 करोड़
डॉ.राहुल कुमार द्विवेदी, बिहार संपादक, अखंड भारत न्यूज़।
उत्तर बिहार के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। प्रस्तावित स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की लागत में लगभग ₹13 करोड़ की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही पहले से स्वीकृत ₹242 करोड़ की राशि अब बढ़कर करीब ₹255 करोड़ हो गई है। इस फैसले को सीतामढ़ी के बुनियादी ढांचे, परिवहन व्यवस्था और समग्र विकास के लिहाज से मील का पत्थर माना जा रहा है।
रेल मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों द्वारा तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन को आधुनिक तकनीक, बेहतर यात्री सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद यह स्टेशन न केवल उत्तर बिहार, बल्कि पूरे देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों की सूची में शामिल होगा।
यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ
प्रस्तावित पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आधुनिक वेटिंग हॉल, एयर कंडीशन्ड प्रतीक्षालय, स्वच्छ और अत्याधुनिक शौचालय, लिफ्ट व एस्केलेटर, डिजिटल सूचना बोर्ड, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, नि:शुल्क वाई-फाई, स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, फूड कोर्ट, रिटेल शॉप्स और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा।
इसके साथ ही स्टेशन भवन का वास्तुशिल्प आधुनिक और आकर्षक होगा, जिससे यह शहर की पहचान का प्रतीक बन सकेगा। यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए प्लेटफॉर्म और प्रवेश-निकास द्वारों का भी पुनर्गठन किया जाएगा।
रेलवे कनेक्टिविटी और आवागमन होगा सुदृढ़
सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन मिथिला क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण रेल केंद्र है। इसके विश्वस्तरीय विकास से न केवल लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन सुचारू होगा, बल्कि क्षेत्रीय और उपनगरीय रेल सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। स्टेशन के आधुनिकीकरण से ट्रेनों के ठहराव, परिचालन और यात्रियों की आवाजाही में समय की बचत होगी, जिससे रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनेगी।
रोज़गार, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोज़गार के अवसर मिलने की संभावना है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय श्रमिकों, इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों को रोजगार मिलेगा, वहीं परियोजना के पूर्ण होने के बाद स्टेशन परिसर में स्थापित होने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से स्थायी रोजगार सृजित होंगे।
बेहतर रेलवे सुविधाओं से सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियाँ तेज होंगी। साथ ही माता सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम और अन्य धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों के कारण पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर सीतामढ़ी को मिलेगी नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विकास पहल सीतामढ़ी को केवल क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। आधुनिक रेलवे स्टेशन किसी भी शहर के विकास का प्रवेश द्वार माना जाता है और सीतामढ़ी का यह कायाकल्प जिले के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने परियोजना लागत में वृद्धि के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जिले के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा है। लोगों को उम्मीद है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना पूरी होगी और सीतामढ़ी जल्द ही एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में उभरेगा।
कुल मिलाकर, ₹255 करोड़ की यह महत्वाकांक्षी परियोजना सीतामढ़ी के विकास को नई रफ्तार देगी और आने वाले वर्षों में जिले को परिवहन, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर ले जाएगी।












