राम सकल सिंह महिला कॉलेज सीतामढ़ी में खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में युवा सांसद कार्यक्रम का उद्घाटन सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने किया।
डॉ.राहुल कुमार द्विवेदी,सीतामढ़ी।
जिला स्थित राम सेवक सिंह महिला महाविद्यालय में खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा आयोजित विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन 23 दिसंबर को किया गया। इस कार्यक्रम में सीतामढ़ी और इसके आसपास के तमाम जिलों के महाविद्यालय स्तर के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग करते हुए संवाद के विषय ‘आपातकाल के 50 वर्ष से सबक’ पर अपना विचार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सीतामढ़ी जिला के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज कुमार की उपस्थिति रही। सम्मानित अतिथि एवं निर्णायक के रूप में रूनी सैदपुर के थाना प्रभारी श्री रामनाथ प्रसाद, सीतामढ़ी के प्रसिद्ध गीतकार डॉ गीतेश, सब इंस्पेक्टर मिस रश्मि रानी, मिस अंकिता भारती, कृषि संयोजक श्री सिद्धार्थ शंकर आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के आरंभ में मान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया। महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना की गई। समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं सम्मानित अतिथियों का स्वागत शॉल, पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया गया।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपनी अस्वस्थता के कारण लिखित रूप में अपना संदेश प्रेषित किया जिसे सभा के समक्ष डॉ सीमा कुमारी ने प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य महोदय ने अपने अभिभाषण में आपातकाल की विभिन्न परिस्थितियों पर अपनी बात रखते हुए कार्यक्रम के सफलता की शुभकामनाएं प्रेषित की।
कार्यक्रम दो सत्रों में विभाजित था। पहले सत्र में प्रतिभागी सुप्रिया कुमारी, प्रतिभा कुमारी, मुस्कान खातून, खुशी कुमारी, अंजली कुमारी, कौशल कुमार, रितु कुमारी, अनुराग कुमार, कीर्ति राज, शालिनी कुमारी, आदि ने विषय पर अपना पक्ष रखा।
दूसरे सत्र में बतौर मुख्य अतिथि सीतामढ़ी के माननीय सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर की गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की आस्थाओं पर किए गए प्रहार को निंदनीय ठहराया। उन्होंने कहा कि कई देशों में इस तरह की विकृत परिस्थितियों उत्पन्न होती रहती हैं। भारत में भी एक बार इस तरह की परिस्थितियां उत्पन्न हुई लेकिन हमें पूर्णरूपेण सजग रहना होगा कि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो। लोकतंत्र को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सबों का कर्तव्य है।
इस सत्र में साक्षी कुमारी, दिव्या वर्मा, नीलोफर खातून, साहिबा खातून, श्रेया रानी, जया कुमारी, डोली कुमारी, भारती, कुमकुम कुमारी, मो. कुनीन सिद्दीकी, कंचन कुमारी, ज्योति कुमारी, अंशु कुमारी, नंदनी कुमारी समेत शताधिक छात्र-छात्राओं ने विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
दोनों सत्रों का संचालन संयुक्त रूप से डॉ अर्पणा कुमारी एवं डॉ सीमा कुमारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ आरती पांडे ने किया।
मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में आपातकाल की विभिन्न परिस्थितियों पर विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र के लिए यह एक काला धब्बा है। इससे सबक लेकर ही हम वर्तमान और भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ रविंद्र कुमार, डॉ अमजद अली, डॉ. पंकजवासिनी, डॉ एकता कुमारी, डॉ रजनीश कुमार, डॉ प्रवीण कुमार, डॉ. अमित कुमार मिश्रा, डॉ. कुमारी पुष्पांजलि, डॉ कुमारी अंजलि, डॉ. पिंकी कुमारी आदि की सक्रिय भूमिका रही।
महाविद्यालय के कर्मी चाँद, अभिषेक कुमार, छोटेलाल साहनी, सर्वेश, आशीष आदि का सकारात्मक सहयोग रहा।












