धावा दल की सख्त कार्रवाई से सोनबरसा में बाल श्रम पर करारा प्रहार, चार नाबालिग मुक्त
डॉ.राहुल कुमार द्विवेदी,सीतामढ़ी।
जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा गठित धावा दल ने बाल श्रम के विरुद्ध एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्वयंसेवी संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की सूचना एवं सक्रिय सहयोग से संयुक्त धावा दल की टीम ने सोनबरसा थाना क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर चार नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया। जानकारी के अनुसार संयुक्त धावा दल की यह कार्रवाई श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री सुधांशु कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम ने सोनबरसा थाना क्षेत्र के हनुमान चौक स्थित दो अलग–अलग होटलों में छापेमारी कर वहां कार्यरत चार नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया। यह बच्चे लंबे समय से होटल में काम करने को मजबूर थे, जो बाल श्रम निषेध कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री पारिजात परिमल, वरिष्ठ सहायक परियोजना अधिकारी श्री मुकुंद कुमार चौधरी, एपीओ श्री शिव कुमार ठाकुर, सोनबरसा थाना के पुलिस अधिकारी, तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे। संयुक्त टीम ने न केवल होटलों की जांच की, बल्कि सोनबरसा थाना क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठानों, दुकानों एवं संभावित स्थानों पर भी बाल श्रम के खिलाफ सघन निरीक्षण अभियान चलाया। बाल श्रम से मुक्त कराए गए चारों बच्चों को आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया एवं संरक्षण के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जहां उनके पुनर्वास, शिक्षा एवं भविष्य की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, इन बच्चों से बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध सोनबरसा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस संबंध में श्रम अधीक्षक श्री रमाकांत ने बताया कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। धावा दल के माध्यम से दुकानों, होटलों, प्रतिष्ठानों एवं अन्य कार्यस्थलों पर नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल श्रम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रम अधीक्षक ने आगे कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना, उन्हें शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर लौटाना तथा समाज के हर वर्ग में बाल श्रम के प्रति जागरूकता पैदा करना है। प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों के संयुक्त प्रयास से बाल श्रम मुक्त सीतामढ़ी की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों को शोषण से मुक्त कराकर उन्हें उनका बचपन और अधिकार वापस दिलाया जा सके।












