गोपालगंज ब्यूरो आशीष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोद लिए जाने से बच्ची को मिला नया परिवार: गोपालगंज में डीएम ने सौंपे दत्तकग्राही माता-पिता को
गोपालगंज। (15 अक्टूबर 2025): जिले में दत्तकग्रहण नियमावली, 2022 के तहत एक 7 माह की बच्ची को कानूनी रूप से नया परिवार मिला है। आज, दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को, जिला पदाधिकारी महोदय के कार्यालय कक्ष में बच्ची को विधिवत रूप से दत्तकग्राही माता-पिता को अंतिम रूप से सौंपा गया।
यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमावली के अनुरूप की गई है। बच्ची को इससे पहले 14 अगस्त 2025 को Pre-Adoption Foster Care (पूर्व दत्तकग्रहण पालक देखभाल) में भावी माता-पिता के सुपुर्द किया गया था। नियमानुसार अवधि पूरी होने के बाद आज जिला पदाधिकारी (डीएम) के अनुमोदन से बच्ची को स्थायी रूप से गोद लिया गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी महोदय ने जिले के सभी नागरिकों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई अनाथ या परित्यक्त बच्चा/बच्ची मिलता है, तो उसे तत्काल सुरक्षा के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जिला बाल संरक्षण इकाई, गोपालगंज के विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान (SAA), हजियापुर गोपालगंज में सौंपें।
डीएम ने निःसंतान दंपत्तियों को भी जागरूक करते हुए कहा कि यदि वे बच्चा गोद लेना चाहते हैं, तो उन्हें CARA (Central Adoption Resource Authority) की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना चाहिए। कानूनी प्रक्रिया से गोद लेना ही बच्चे के भविष्य और सुरक्षा के लिए सबसे उचित तरीका है।
संपर्क और मार्गदर्शन:
दत्तकग्रहण की प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, गोपालगंज के समन्वयक श्री विजय कुमार से उनके मोबाइल नंबर 8210491152 पर संपर्क कर सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता श्री राजेश्वरी पाण्डेय, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री संदीप कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला निर्वाचन पदाधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, जिला अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर, जिला मद्य निषेध पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, गोपालगंज, श्री प्रशांत मिश्रा, श्री विजय कुमार पाण्डेय, श्री शारदानन्द तिवारी, श्री रामाकांत गुप्ता, श्री महेश कुमार तथा विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के समन्वयक श्री विजय कुमार सहित कई पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह कानूनी दत्तकग्रहण जिले में बाल संरक्षण और सही पालन-पोषण सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।












