छाड़ी नदी के जीर्णोद्धार की कवायद तेज, 42 स्थायी अतिक्रमण चिन्हित
एक सप्ताह में मापी पूरी करने का निर्देश, अतिक्रमणकारियों और नदी में नाला का पानी गिराने वालों को जारी होगा नोटिस
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
गोपालगंज में छाड़ी नदी के जीर्णोद्धार और उसे अतिक्रमणमुक्त कराने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज ने नदी के चिन्हित क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कर चल रही मापी की कार्रवाई का जायजा लिया। करीब 1.475 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अंचल अमीन द्वारा की जा रही मापी के दौरान अब तक 42 स्थायी अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं।
एक सप्ताह में पूरी होगी मापी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मापी की कार्रवाई पूरी गंभीरता से कराने का निर्देश दिया गया, ताकि नदी की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध भूमि और अतिक्रमित क्षेत्र की स्पष्ट पहचान हो सके। अंचलाधिकारी गोपालगंज रजत बरनवाल को निर्देश दिया गया कि मापी का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कराते हुए सभी अतिक्रमणों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए।
अतिक्रमणकारियों को मिलेगा नोटिस
मापी पूरी होने के बाद चिन्हित अतिक्रमणों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नदी में नाला का पानी गिराने वालों पर भी कार्रवाई
छाड़ी नदी को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए नदी में नाला का गंदा पानी गिराने वाले लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। नगर परिषद की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है। प्रशासन का जोर नदी के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित करने के साथ-साथ उसमें गिरने वाले गंदे पानी पर रोक लगाने पर भी है।
संरक्षण और जीर्णोद्धार पर विशेष जोर
प्रशासन का उद्देश्य छाड़ी नदी की भूमि की वास्तविक स्थिति निर्धारित कर अतिक्रमण हटाने तथा प्रदूषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नदी संरक्षण और जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।
निरीक्षण के दौरान डीपीओ, नमामि गंगे, अंचलाधिकारी रजत बरनवाल सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।












