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Home देश

सहरसा की घटना पर पत्रकारों में उबाल, विजयीपुर में बैठक कर उठी एकजुटता की आवाज

Abhinay Abhinay by Abhinay Abhinay
September 15, 2026
in देश
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सहरसा की घटना पर पत्रकारों में उबाल, विजयीपुर में बैठक कर उठी एकजुटता की आवाज
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सहरसा की घटना पर पत्रकारों में उबाल, विजयीपुर में बैठक कर उठी एकजुटता की आवाज

विजयीपुर/गोपालगंज। सहरसा में पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट और अभद्रता की घटना को लेकर पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है। घटना की कड़ी निंदा करते हुए पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार की कलम और कैमरा सच सामने लाने के लिए हैं, उन्हें दबाने के लिए नहीं।

इसी तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर गोपालगंज जिले के विजयीपुर में पत्रकारों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहरसा की घटना पर आक्रोश जताते हुए सरकार और प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के साथ अभद्रता, मारपीट या दबाव बनाने की कोशिश लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। पटना में भी पत्रकार को कथित तौर पर 16 घंटे तक थाने में बैठाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जब पत्रकार साथी एकजुट होकर थाने पर डटे, तभी प्रशासन पर दबाव बना और पत्रकार को छोड़ा गया।

पत्रकारों ने कहा कि संगठन मजबूत होने का इंतजार करते हुए किसी घटना पर कद और पहुंच देखकर चुप रहना पत्रकारिता के हित में नहीं है। पत्रकार की ताकत सिर्फ पेन तक सीमित नहीं है, उसके हाथ में माइक, कैमरा और जनता की आवाज भी है।

बैठक में सहरसा सदर अस्पताल से जुड़े विवाद को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। कुछ पत्रकारों ने अस्पताल की व्यवस्था और कथित अवैध वसूली से संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही डॉक्टरों के चैंबर में कथित तौर पर सिगरेट और शराब मिलने से जुड़े वायरल वीडियो की भी जांच कराने की मांग उठाई गई। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है।

पत्रकारों ने यह भी सवाल उठाया कि विद्यालय, अस्पताल और थाना परिसर समेत कई सरकारी संस्थानों में वीडियो बनाने पर रोक से संबंधित नोटिस लगाए जा रहे हैं। पत्रकारों का कहना था कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि व्यवस्था की कमियां सामने आने से न रोकी जाएं।

बैठक में पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि किसी एक पत्रकार पर हमला या दबाव पूरे पत्रकार समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पत्रकारों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।

बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सह आरटीआई एक्टिविस्ट सुरेश चंद पांडेय, पत्रकार आनंद मिश्रा, शंकर जी, रविनंदन सैनी, अभिनव मिश्रा, मंजेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।

पत्रकारों का संदेश साफ—

“कलम नहीं रुकेगी, सवाल नहीं दबेंगे और पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।”

Abhinay Abhinay

Abhinay Abhinay