स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता : डीएम समीर सौरभ
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। समाहरणालय सभा कक्ष में शनिवार को जिला पदाधिकारी समीर सौरभ (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, सिविल सर्जन गोपालगंज, जिला कार्यक्रम प्रबंधक धीरज कुमार, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक एवं प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी), मिशन 100 दिवस टीबी मुक्त भारत अभियान, डेंगू एवं चिकनगुनिया नियंत्रण, भव्य (BHAVYA) पोर्टल, एचएमआईएस, नियमित टीकाकरण, आशा एवं परिवार कल्याण, गैर-संचारी रोग (NCD), डीवीडीएमएस, आईडीएसपी एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित सभी प्रमुख योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
डीएम ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर समय पर निक्षय पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा लाभार्थियों के लंबित भुगतान मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।वर्षा ऋतु को देखते हुए डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त दवाओं, जांच किट, मच्छरदानी युक्त बेड, जन-जागरूकता अभियान, फॉगिंग और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। भव्य पोर्टल की समीक्षा के दौरान अस्पतालों की रैंकिंग, डॉक्टर परामर्श, मरीजों के वाइटल रिकॉर्ड, औसत प्रतीक्षा समय, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, डाइट एवं किचन, लिनेन एवं लॉन्ड्री तथा आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता का विस्तार से आकलन किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों की सराहना करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। वहीं एचएमआईएस की समीक्षा में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, प्रथम तिमाही में एएनसी, टीडी टीकाकरण, आयरन-फोलिक एसिड वितरण और संस्थागत प्रसव सहित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सभी संकेतकों पर विशेष चर्चा हुई। डीएम ने सभी प्रखंडों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने और प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं का लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।












