बिहार: विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले ‘महाठग’ पर कसेगा PMLA का शिकंजा, EOU को भेजा गया प्रस्ताव
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। विदेश जाकर मोटी कमाई करने का सपना देखने वाले सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज के खिलाफ गोपालगंज पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, गोपालगंज द्वारा 21 जून 2026 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कटेया थाना क्षेत्र के महेजवा निवासी परशुराम कुमार उर्फ परशुराम यादव (पिता- भागीरथी यादव) के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस अनुसंधान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी परशुराम यादव लोगों को विदेश भेजने, उन्हें पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का लालच देकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करता था। इस अवैध धंधे के जरिए उसने करोड़ों रुपये का भारी आर्थिक लाभ अर्जित किया है। जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से आर्थिक अपराधों में संलिप्त रहा है और उसके खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने के कई मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपी कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि एक पेशेवर और संगठित अपराधी है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कटेया थाने में उसके खिलाफ साल 2010 से लेकर 2026 तक कुल 7 गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं:
कटेया थाना कांड सं०- 111/2010
कटेया थाना कांड सं०- 97/2018
कटेया थाना कांड सं०- 209/2019
कटेया थाना कांड सं०- 253/2019
कटेया थाना कांड सं०- 318/2023
कटेया थाना कांड सं०- 722/2025
कटेया थाना कांड सं०- 56/2026 (जिसके तहत ताजा विस्तृत जांच की गई)
जब गोपालगंज पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन किया, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। जिला निबंधन कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक आरोपी और उसके परिवार के नाम पर विभिन्न स्थानों पर खरीदी गई भूमि का वर्तमान अनुमानित मूल्य लगभग 78 लाख रुपये पाया गया है। आरोपी के विभिन्न सावधि जमा (Term Deposit) खातों में करीब 50.53 लाख रुपये जमा मिले हैं। आरोपी द्वारा अपने स्वयं के और पैतृक आवास पर लगभग 1.40 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया गया है।उसके बैंक खातों में करोड़ों रुपये के ऐसे वित्तीय लेनदेन का पता चला है, जो उसकी घोषित आय के स्रोत से पूरी तरह मेल नहीं खाते और अत्यधिक असंगत हैं। जांच के दौरान आरोपी अपनी इन संपत्तियों का कोई भी संतोषजनक या वैध आय स्रोत प्रदर्शित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह साफ है कि यह अकूत संपत्ति किसी वैध व्यापार से नहीं, बल्कि गरीब और सीधे लोगों को ठगकर जुटाई गई ‘अपराध जनित आय’ से निर्मित की गई है। मामले की गंभीरता और बड़े पैमाने पर हुए मनी लॉन्ड्रिंग को देखते हुए, गोपालगंज पुलिस ने PMLA, 2002 के तहत कार्रवाई के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार को भेज दी है। इसके जरिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष मामला ले जाया जाएगा ताकि आरोपी की इस अवैध संपत्ति को कुर्क (Seize) किया जा सके और उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
गोपालगंज पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले में सक्रिय ऐसे सभी अपराधियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्होंने संगठित अपराध के जरिए अवैध रूप से संपत्तियां अर्जित की हैं। पुलिस प्रशासन जिले में आर्थिक अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।












