नौतन प्रखंड में प्रगणकों को नहीं मिली किट व प्रशिक्षण राशि
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
देश भर में 2 मई से जनगणना कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन नौतन प्रखंड के प्रगणकों को अभी तक मूलभूत संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। प्रशिक्षण के 24 दिन बीत चुके हैं, फिर भी सभी प्रगणकों को पूर्ण जनगणना किट नहीं मिली है। उन्हें केवल मार्कर और आई-कार्ड ही प्रदान किए गए हैं। साथ ही प्रशिक्षण के लिए निर्धारित 1200 रुपये की राशि भी अब तक उनके खातों में जमा नहीं हुई है। 2 मई से जमीनी स्तर पर जनगणना संबंधी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। प्रगणक गांव-गांव व घर-घर जाकर डेटा संग्रह की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन किट की कमी के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फॉर्म, बैग, टॉर्च जैसी जरूरी सामग्रियों के अभाव में कार्य सुचारू रूप से चल पाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। प्रगणकों ने बताया कि वे बिना किसी शिकवे के काम कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परेशानी बढ़ गई है। 1200 रुपये का प्रशिक्षण भत्ता न मिलने से कई प्रगणक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।जनगणना देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिस पर बजट, योजनाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा निर्भर करती है। नौतन प्रखंड में सैकड़ों प्रगणक पूरे समर्पण के साथ इस कार्य में लगे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनके उत्साह को प्रभावित कर रही है।प्रशासन से प्रगणकों की अपील है कि 1200 रुपये की राशि और शेष जनगणना किट जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि 2 मई से चले जा रहे जनगणना अभियान को और गति मिल सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजलि कुमारी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक न तो प्रशिक्षण राशि आई है और न ही जनगणना किट उपलब्ध हुई है।
