डीएवी कॉलेज सिवान में बवाल: प्राचार्य पर अराजक तत्व बुलाकर महिला शिक्षिकाओं से अभद्रता कराने का आरोप, शिक्षकों ने दी धरने की चेतावनी
सिवान, 4 अप्रैल 2026:
डी ए वी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिवान में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षकों ने नगर थाना में तहरीर दे दी। मामला इतना बढ़ गया कि अब शिक्षक संघ ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दे दी है।
जानकारी के अनुसार, प्राचार्य द्वारा समय से कॉलेज पहुंचने के बावजूद डॉ. निर्भय कुमार राम, डॉ. अरविंद कुमार और डॉ. ब्रजनंदन सिंह के उपस्थिति पंजिका से हस्ताक्षर काट दिए गए। इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए सभी शिक्षक शांतिपूर्वक प्राचार्य कक्ष में पहुंचे थे।
आरोप है कि इसी दौरान प्राचार्य ने एक बाहरी व्यक्ति को बुलाकर शिक्षकों का अवैधानिक रूप से वीडियो बनवाना शुरू कर दिया। जब शिक्षकों ने इसका विरोध किया, तो उस व्यक्ति ने महिला शिक्षिकाओं के साथ अभद्रता और हाथापाई शुरू कर दी। शिक्षकों का कहना है कि यह सब प्राचार्य के सामने ही हुआ, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
मामला यहीं नहीं रुका—शिक्षकों का आरोप है कि प्राचार्य ने और भी अराजक तत्वों को कॉलेज में बुला लिया, जिससे डर का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख शिक्षकों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य द्वारा उन्हें कॉलेज के बाहर मरवाने और एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई। इस गंभीर घटनाक्रम के खिलाफ शिक्षकों ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
घटना की सूचना कुलपति को भी दी गई है। कुलपति ने सोमवार को कॉलेज पहुंचकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इसके बाद आयोजित शिक्षक संघ की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सोमवार तक प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती है, तो सभी शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ. अली इमाम, डॉ. के.पी. गोस्वामी, डॉ. शमशाद अहमद खान, डॉ. कृष्ण कांत, डॉ. सुधीर कुमार राय, डॉ. रामानुज कौशिक, डॉ. आशुतोष शरण, डॉ. मंजूर आलम, डॉ. नसीम अंसारी, प्रो. पंकज कुमार, डॉ. राजेश शर्मा, प्रो. पवन कुमार यादव, प्रो. जय किशोर साहनी, प्रो. अरविंद कुमार यादव, डॉ. नितेश कुमार मिश्रा, डॉ. सुरुचि, डॉ. रोशन आरा, डॉ. निवेदिता प्रियदर्शिनी, डॉ. प्रकृति राय, प्रो. रुचिका जरियाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
फिलहाल, पूरे मामले ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है और सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।










