पटना में 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार:ATM, बारकोड के जरिए करते थे जालसाजी, सस्ते लोन का एड निकालकर करते थे टारगेट
पटना के मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र से 3 साइबर अपराधी पकड़े गए हैं। इनके पास से 17 एटीएम कार्ड, 19 सिम कार्ड, 7 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और विभिन्न कंपनियों के बारकोड प्रिंट लगे डॉक्यूमेंट बरामद किए गए हैं। बरामद सामान से यह आशंका जताई जा रही है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों के बैंक खातों से अवैध निकासी और ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था।पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि मुसल्लहपुर थाने की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति साइबर ठगी और एटीएम से अवैध निकासी की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर वरीय अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई। फिर संभावित लोकेशन पर रेड की गई। इस दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों का नाम सोनू कुमार(पटना), बाला जी (भोजपुर) , निरंजन शर्मा (राजस्थान) है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है अलग-अलग लेवल बनाकर ठगी पूछताछ के दौरान अपराधियों ने बताया है कि अलग-अलग अलग-अलग लेवल बनाकर ठगी की घटना को अंजाम दे रहे थे। सोशल मीडिया पर सस्ते लोन देने के नाम पर एड निकलते थे। जो लोग संपर्क करते थे उन्हें विश्वास में लेने के लिए पूरी प्रक्रिया के तहत प्रोसेसिंग फीस लेते थे। सिम कार्ड वगैरह भी उपलब्ध कराने के लिए एक तीसरा लेवल हुआ करता था। यह पूरा संगठित गिरोह है।इन लोगों के खिलाफ कंकड़बाग और दिल्ली के साइबर थाने में भी मामला दर्ज है। इन तीनों के अकाउंट में पिछले दो ढाई महीने में लाखों रुपए ट्रांजैक्शन किए गए हैं। हाल के दिनों में एक बंगाल की युवक को फंसा लिया था। जिसका रेस्क्यू किया गया है।युवक ने बताया है कि एक्टिव अकाउंट के नाम पर उसे पटना बुलाया गया था, और इन लोगों के द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि एक लाख के ट्रांजैक्शन पर ₹10000 दिए जाएंगे। यहां आने के बाद युवक बुरी तरह से फंस गया था। उसे नौकरी का भी आश्वासन दिया गया था।












